Daily Political Update: यूपी में BJP के साथ आए राजा भैया, उधर खड़गे ने राष्ट्रपति से की न्याय की मांग
Daily Political Roundup: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रेलवे की 41 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विगत दस वर्षों में रेलवे ने बदलाव के साथ विकास का दौर देखा है।
वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के 7वें समन पर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल पेश नहीं हुए। सीएम केजरीवाल ने समन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

उधर, राजा भैया ने सोमवार को साफ कर दिया कि राज्यसभा चुनाव में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) एनडीए के साथ जाएगी। आइये जानते हैं दिनभर का राजनीतिक घटनाक्रम...
41 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रेलवे की 41 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस पीएम ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम की आधारशिला रखी। इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विगत दस वर्षों में रेलवे ने बदलाव के साथ विकास का दौर देखा है। 31 हजार किलोमीटर रेल पटरियां बिछाई गई हैं और 40 हजार किलोमीटर रेल पटरियों का विद्युतीकरण इन वर्षों में हुआ है। यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।
केजरीवाल ने भाजपा पर साधा निशाना
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को भी ईडी के सातवें समन पर पेश नहीं हुए। इस दौरान सीएम केजरीवाल ने बीजेपी और केंद्रीय एजेंसी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले चाहते हैं कि हम गठबंधन तोड़ दें। जब ईडी ने खुद अदालत का दरवाजा खटखटाया है, तो वे अदालत के फैसले का इंतजार क्यों नहीं कर सकते? मामला अदालत में है और वे बार-बार समन भेज रहे हैं। अनौपचारिक रूप से, हमें संदेश मिला है गठबंधन तोड़ो। हम इंडिया गठबंधन नहीं छोड़ेंगे।"
भाजपा के साथ राजा भैया
पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर राजा भैया ने विराम लगा दिया है। राजा भैया ने राज्यसभा चुनाव में किसका साथ देंगे, इस पर अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जनसत्ता दल का वोट भाजपा के साथ है। उनकी पार्टी चुनाव में भाजपा का समर्थन करेगी।
खड़गे ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने लिखा है कि अग्निपथ योजना के कारण युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। ऐसे में उन करीब दो लाख नौजवानों के साथ न्याय किया जाए जिनका ''चयन सेना की नियमित सेवा में होने की बावजूद उनकी भर्ती नहीं की गई।" इन युवाओं ने कठिन मानसिक और शारीरिक परीक्षण तथा लिखित परीक्षा पास करने के लिए सभी बाधाओं के बावजूद संघर्ष किया था।"












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