निर्मला सीतारमण की अगुवाई में रक्षा खरीद परिषद ने 15,935 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी
नई दिल्ली। मोदी सरकार सेना की ताकत में इजाफे के लिए पूरी कोशिश कर रही है। मंगलवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में 15,935 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी गई है। सरकार ने कहा कि इस लिस्ट में लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल्स और स्नीपर राइफल्स आदि शामिल हैं। जिन हथियारों की खरीदारी होनी है, उसे "फास्ट ट्रैक प्रक्रिया" के माध्यम से हासिल की जाएगी। सरकार ने कहा कि 1819 करोड़ की लागत में लाइट मशीन गन खरीदी जाएंगी और 7.4 लाख असॉल्ट राइफल्स सेना के लिए खरीदे जाएंगे, जिसकी लागत करीब 12 हजार 2 सौ 80 करोड़ रुपये आएगी. बता दें कि कितनी लाइट मशीन गनें खरीदी जाएंगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

रक्षा खरीद परिषद ने अग्नि शक्ति हथियारों को खरीदने के लिए ये फंड मंजूर किया है। सरकार सेना को ताकतवर बनाने के लिए मशीनगन, हमला राइफलें और स्नाइपर राइफल्स खरीदेगी। सेना 11 साल से नए मशीनगन की मांग कर रही थी। इससे पहले 16 जनवरी को रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने इसके लिए 3500 करोड़ रुपए से अधिक की सैन्य खरीदी को मंजूरी दी थी। सीमा पर पाकिस्तानी आतंक और घुसपैठ का मुकाबला कर रही सेना की तात्कालिक जरूरतों के मद्देनजर 72 हजार से अधिक असॉल्ट रायफल और 93 हजार से ज्यादा कार्बाइन इस राशि से शीघ्र खरीदे जाने हैं।रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में मेक-2 प्रक्रिया को भी आसान बनाने का निर्णय हुआ था ताकि देशी कंपनियां हमारी रक्षा जरूरतों और उपकरणों पर शोध, विकास और उसका निर्माण कर सकें।

प्रक्रिया को आसान बनाये जाने से भारतीय कंपनियां रक्षा क्षेत्र के उपकरणों और हथियारों के निर्माण के लिए आगे आएंगी। डीएसी की बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मोर्चे पर तैनात सेना की जरूरतों के लिए कुल 3547 करोड़ रुपये की रकम को मंजूरी दी गई।












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