भारत के लिए गर्व का पल! Cyprus ने PM Modi को किया सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित
Cyprus honours PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा के दौरे पर हैं। इससे पहले वो साइप्रस गए जहां उनको सोमवार, 16 जून को साइप्रस सरकार द्वारा देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III' (Grand Cross of the Order of Makarios III) प्रदान किया गया।
यह सम्मान उन्हें साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स ने राजधानी निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया। बता दें कि 20 सालों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री साइप्रस दौरे पर गया।

पीएम मोदी को यह सम्मान साइप्रस के पहले राष्ट्रपति मकारियोस तृतीय के नाम पर रखा गया है, और यह उन विशिष्ट व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। यह सम्मान आम तौर पर राष्ट्राध्यक्षों या वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली हस्तियों को ही दिया जाता है।
सम्मान भारतीय जनता की उपलब्धियों का प्रतीक: पीएम मोदी
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति महोदय, ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III के लिए मैं आप, साइप्रस सरकार और वहां की जनता के प्रति दिल से आभार प्रकट करता हूं। यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। यह उनके सामर्थ्य, आकांक्षाओं, और हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।"
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और साइप्रस के बीच मजबूत मित्रता और सांझे मूल्यों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को "वसुधैव कुटुंबकम्" की भारतीय भावना से जोड़ा और इसे दोनों देशों के आपसी विश्वास और वैश्विक योगदान के प्रति प्रतिबद्धता बताया।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह सम्मान शांति, सुरक्षा, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अपने लोगों की समृद्धि के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मैं इस सम्मान को साइप्रस के साथ भारत के संबंधों की जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करता हूं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और साइप्रस की साझेदारी आने वाले समय में और गहराई लेगी, और दोनों देश मिलकर वैश्विक शांति और विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
MEA ने जताया गौरव: सम्मान को बताया ऐतिहासिक
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "यह सम्मान भारत-साइप्रस की स्थायी मित्रता और 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित है। यह हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें हम शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए मिलकर कार्यरत हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर राजकीय सम्मान और औपचारिक स्वागत मिला। उन्होंने राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता से पहले अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का परिचय कराया। इससे दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा और रणनीतिक गहराई की पुष्टि हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा है। वे रविवार को लारनाका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां साइप्रस के राष्ट्रपति ने स्वयं उनका स्वागत किया। इसके बाद लिमासोल में बसे भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
व्यापारिक संवाद में भारत की सुधार यात्रा की झलक
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स ने एक बिजनेस राउंडटेबल मीटिंग में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष सीईओ शामिल हुए। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत में पिछले एक दशक में हुए आर्थिक सुधारों के बारे में बताया और कहा कि उद्यमिता, नवाचार, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्रों में भारत और साइप्रस के बीच असीम संभावनाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया "व्यापारिक संबंधों को प्रोत्साहित करते हुए! राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स और मैंने प्रमुख सीईओज़ से मुलाकात की। व्यापारिक जुड़ाव में गति लाने के लिए यह बातचीत अहम रही।"
साइप्रस प्रेसिडेंसी ने बताया साझेदारी का नया युग
साइप्रस की प्रेसिडेंसी ने भी एक आधिकारिक पोस्ट में कहा कि, "आज हम नए पुलों का निर्माण कर रहे हैं। हम साइप्रस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा और विस्तृत कर रहे हैं। हम साझा मूल्यों और विश्वास पर आधारित एक नए रणनीतिक साझेदारी के युग में प्रवेश कर रहे हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान भारत की अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती प्रतिष्ठा, वैश्विक सहयोग की नीति और मजबूत राजनयिक रिश्तों का प्रमाण है। यह केवल एक सामाजिक-सांस्कृतिक उपलब्धि नहीं बल्कि भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह सम्मान आने वाले समय में भारत और साइप्रस के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीकी सहयोग, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और मजबूती प्रदान करेगा।












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