ओडिशा के पांच जिलों में बाढ़, बिहार की भी नदियां उफान पर
भुवनेश्वर।
चक्रवाती तूफान फेलिन का खतरा अब तक खत्म नहीं हुआ है। चक्रवाती तूफान ने भले उस वक्त ज्यादा तबाही नहीं मचाई है, लोेकिन उसका अस र अबतक जारी है। च क्रवाती तूफान के बाद अब तेज बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से ओडिशा के पांच जिलों में बाढ़ आ गई है। ओडिशा के साथ-साथ बिहार भी बाढ़ के खतरों से जूझ रहा है। राज्य के पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन जिलों में प्रमुख नदियां उफान पर हैं। सबसे ज्यादा प3भावित जिले बालासोर, भद्रक, क्योढर, जाजापुर और मयूरभंज है। बाढ़ से 2.50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। id="toptextpromo">बाढ़
में फंसे लोगों को निकालने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 4 हेलीकॉप्टर लगाए हैं। साथ ही प्रभावितों के बीच आसमान से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। चक्रवात प्रभावित इलाकों का जायजा लेने गए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को बरहमपुर के अगस्तिनौगांव गांव में ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। ओडिशा में तूफान और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। बारिश की वजह से बुद्धबगंल और सुबरनरेखा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर भद्रक और क्योंझर जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>थल,
वायु और जल सेना के साथ ही एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की राहत और बचाव टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में लगी हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्य पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। ओडिशा के अलावा बिहार में तीन दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रमुख नदियां उफान पर है। कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।











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