Cyclone Ockhi: तमिलनाडु-केरल में तबाही के बाद गुजरात की ओर बढ़ा चक्रवात 'ओखी'
चेन्नई। इस वक्त तमिलनाडु और केरल में साइक्लोन OCKHI ने उत्पात मचा रखा है, इस चक्रवात के उपद्रव से पड़ोसी राज्य कर्नाटक भी परेशान है तो वहीं अब खबर आ रही है कि ये तूफान अब गुजरात की ओर रूख करने वाला है। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक इस तूफान की ताकत आज सुबह से कम होनी शुरू हो गई है लेकिन फिर भी ये ताकतवर तूफान खतरनाक है।अभी ये साइक्लोन दक्षिण पूर्व अरब सागर में है और इसके कारण 150 से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही है, जिनकी स्पीड 180 किमी तक पहुंच सकती है। गुजरात की ओर रूख करने से इसकी चाल में कमी आ सकती है।

फिलहाल केंद्र लक्षद्वीप
इस तूफान का फिलहाल केंद्र लक्षद्वीप है। फिलहाल चक्रवात के उत्पात को देखते हुए मौसम विभाग ने 4 दिसंबर से उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के सभी इलाकों में मछुआरों को समंदर में ना जाने की सलाह दी है। ऐसा अनुमान है की 5 दिसंबर की रात से यह तूफान गुजरात में कमजोर पड़ेगा और 6 दिसंबर को यह धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।

तमिलनाडु और केरल
आपको बता दें कि तमिलनाडु और केरल में साइक्लोन OCKHI के कारण काफी नुकसान हुआ है, भारी बारिश के चलते तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के 1000 मछुआरे लापता हैं। ये मछुआरे चार दिन पहले 100 बोट्स के साथ मछली पकड़ने गए थे। तूफान से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है।

केरल के तिरूवनंतपुरम, कोल्लम, पटनमथिट्टा
इस तूफान की वजह से केरल के तिरूवनंतपुरम, कोल्लम, पटनमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम, अलापुज्जा और एर्नाकुलम में बहने वाली नदियों में अगले 24 घंटों के भीतर जल स्तर काफी बढ़ सकता है तो वहीं कन्याकुमारी में नदियों में बाढ़ की स्थिति भी बन रही है।

लक्षद्वीप में 31 राहत शिविर
तूफान, बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित लक्षद्वीप में 31 राहत शिविर बनाए गए हैं। कन्याकुमारी जिले में राहत-बचाव काम तेज किया गया है। राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

ओखी नाम बांग्लादेश ने दिया
इस साइक्लोन का ओखी नाम बांग्लादेश की तरफ से दिया गया है। जिसका मतलब है नजर रखने वाला या निगाह रखने वाला। अब अगला जो भी साइक्लोन आएगा, उसका नाम सागर होगा, जो भारत की ओर से दिया गया है।












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