Cyclone Jawad: क्या होता है 'जवाद' का मतलब? किसने दिया ये नाम?
नई दिल्ली, 02 दिसंबर। ओडिशा पर एक बार फिर से चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। इस साइक्लोन का नाम 'जवाद' है, जिसके 4 दिसंबर को ओडिशा तट पर टकराने की आशंका है और इस वजह से राज्य में Red Alert जारी किया गया है। आपको बता दें कि चक्रवात को 'जवाद' का नाम सऊदी अरब ने दिया है। जिसका मतलब होता है 'दयालु' इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि ये तूफान विनाशकारी नहीं होगा।

क्या है नाम रखने की प्रकिया
दरअसल साइक्लोन का नाम हर उस देश का मौसम विभाग रखता है। लेकिन इस बारे में कोई संस्था साल 1953 से पहले नहीं थी इसलिए तूफानों के बारे में आंकलन नहीं हो पाता था। इसी समस्या के मद्देनजर साल 1953 से विश्व मौसम संगठन ने एकसमझौते के तहत विश्व के सभी चक्रवातों का रिकॉर्ड रखने के लिए एक कमेटी बनाई थी लेकिन उससे भी तूफानों के लेखा-जोखा में काफी दिक्कतें भी आ रही थीं इसलिए इस बारे में इंडिया के ही पहल पर साल 2004 में 8 तटीय देशों के बीच एक समझौता हुआ कि वो बारी-बारी से तूफानों का नाम रखेंगे और तब से ही तूफानों के नाम रखे जाने लगे। बाद में इस लिस्ट में और देश जुड़े और अब इनकी संख्या 13 हो गई है।
Recommended Video

कौन-कौन से हैं वो 13 देश
- भारत,
- बांग्लादेश,
- म्यांमार,
- पाकिस्तान,
- मालदीव,
- ओमान,
- श्रीलंका,
- थाईलैंड,
- ईरान,
- कतर,
- सऊदी अरब,
- संयुक्त अरब अमीरात और
- यमन

कुछ खास बातें
- हिंद महासागर और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम एल्फाबेटिकली आर्डर में रखे जाते हैं।
- चक्रवातों के नाम महिलाओं- पुरुषों के नाम या क्रेजी-रोचक रखे जाते हैं, जिससे कि उन्हें याद रखने में मदद मिले।

क्या होते हैं चक्रवात?
'चक्रवात' यानी 'साइक्लोन' की संरचना अंग्रेजी के V अक्षर जैसी होती है। चक्रवात एक ऐसी संरचना है जो गर्म हवा के चारों ओर कम वायुमंडलीय दाब के साथ पैदा होता है, जो कि तेज आंधी में बदल जाता है और जब ठंडी हवा से टकराता है तो तूफान बन जाता है। यह एक गोलाकार पथ में मूव करता हैॉ।दक्षिणी गोलार्द्ध में इसे 'चक्रवात', उत्तरी गोलार्द्ध में 'हरीकेन' या 'टाइफून', मैक्सिको की खाड़ी में इसे 'टारनेडो' कहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications