Cyclone Biperjoy: कांडला Port पर लगा Signal 10, जानिए क्या होते हैं साइक्लोन सिग्नल?' कैसे करते हैं काम?
Cyclone Biperjoy: गुजरात के अलावा मुंबई, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भी तूफान के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
Cyclone signals in hindi: अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान 'बिपारजॉय' अब गंभीर रूप में आ चुका है। इसके चलते भारत से लेकर पाकिस्तान तक में अलर्ट जारी है। इस रूख फिलहाल गुजरात की ओर है।
तूफान 'बिपारजॉय' हुआ ताकतवर
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक ये कच्छ और सौराष्ट्र की ओर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और अनुमान के मुताबिक ये बुधवार को कच्छ और सौराष्ट्र को क्रॉस कर जाएगा और गुरुवार को मांडवी (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) पास से गुजरेगा।

इस वक्त इसकी तीव्रता बहुत ज्यादा होगी इसलिए पाकिस्तान के दक्षिण सिंध इलाके में भी अलर्ट जारी किया गया है और यहां रहने वाले तटीय इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
कांडला बंदरगाह पर सिग्नल नंबर 10
तो वहीं कांडला बंदरगाह पर सिग्नल नंबर 10 लगाया गया है जबकि मुंद्रा और मांडवी बंदरगाह पर भी सिग्नल 9 को मेंशन किया है। जिसका मतलब होता अतिगंभीर चक्रवात, जिसके लिए सभी को सावधान रहने की जरूरत है।
चक्रवाती सिग्नल नंबर्स में दिए जाते हैं
आपको बता दें कि चक्रवाती सिग्नल को नंबर्स के जरिए बताया जाता है। इस बारे में जानकारी मौसम विभाग हर बंदरगाह को भेजता है। आईएमडी दिन में तीन से चार बार देश के हर बंदरगाह को साइक्लोन का अपडेट भेजता है, जिसके बाद बंदरगाह समुद्री जहाजों को नंबर्स के जरिए या कुछ चिह्नों के जरिए संकेत जारी करता है।
कुछ जगहों पर चिह्नों का होता है प्रयोग
इंडिया में दो तरह से साइक्लोन सिग्नल दिए जाते हैं। कुछ बंदरगाह नंबर्स के जरिए चेतावनी जारी करते हैं तो कुछ जगहों पर चिह्नों के जरिए जैसे लैंप, सिलिंडर और कोन का इस्तेमाल होता है। रात की चेतावनी के लिए लाल लैंप और दिन के लिए सफेद लैंप का प्रयोग किया जाता है।
साइक्लोन सिग्नल ग्यारह कैटेगरी में विभाजित
लेकिन देश में अधिकांश बंदरगाहों में अब सिग्नल नंबर्स के जरिए बताए जाते हैं, जो कि एक से लेकर 11 तक में बंटे होते हैं।
चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से...
- सिग्नल 1: इसमें Cyclone से खतरा बहुत नाममात्र होता है लेकिन ये जहाजों के लिए जारी किया जाता है क्योंकि साइक्लोन के चलते काफी बारिश और तेज हवाएं चलती हैं।
- सिग्नल 2: ये तब जारी होता है जब Cyclone के दौरान हवाओं की गति 60-90 किमी प्रति घंटे के आस-पास होती है। ये मुख्य रूप से जहाजों के लिए लागू होता है कि वो पोर्ट के किनारों से हट जाएं।
- सिग्नल 3: ये तब जारी होता है जब Cycloneके दौरान हवाओं की स्पीड 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की होती है।
- सिग्नल 4: ये तब जारी होता है जब Cyclone के दौरान हवाओं की स्पीड 50-60 किमी प्रति घंटे होती है और इस दौरान बंदरगाहों पर खड़े जहाजों को खतरा होता है।
- सिग्नल 5: ये तब जारी होता है जब Cyclone के दौरान हवाओं की स्पीड 60-80 किमी प्रति घंटे होती है और इसमें तूफान अटैक बंदगाहों पर बाएं ओर से करता है।
- सिग्नल 6: ये तब जारी होता है जब Cyclone के दौरान हवाओं की स्पीड 60-80 किमी प्रति घंटे होती है लेकिन इसमें तूफान दाएं ओर से बंदरगाह पर अटैक कर सकता है।
- सिग्नल 7: ये उस तूफान के लिए लागू होता है जो पूरी तरह से बंदरगाह को कवर कर सकता है और इस दौरान भारी बारिश होने की आशंका होती है।
- सिग्नल 8: ये तब जारी होता है जब Cyclone के दौरान हवाओं की स्पीड 90 से 120 किमी प्रति घंटे होती है और ये काफी खतरनाक हो सकता है।
- सिग्नल 9: जब Cyclone काफी खतरनाक होता है और इस दौरान हवाएं 120 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक स्पीड से चलें और बंदरगाह पर दाएं ओर से अटैक करे तो ये चेतावनी जारी की जाती है।
- सिग्नल 10: ये सिग्नल भी तब ही लागू होता है जब Cyclone 130-140 किमी प्रति घंटे या उससे भी अधिक चाल से आगे बढ़ रहा हो, ये बहुत ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है।
- सिग्नल 11: ये सिग्नल वो स्थिति है, जब संचार के सारे साधन फेल हो चुके होते हैं और तूफान पूरी तरह से बंदरगाह को हाईजैक कर चुका होता है।












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