Cyclone Amphan की वजह से केरल में Yellow Alert, भारी बारिश के आसार
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व भाग में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके कारण 16 मई को 'चक्रवाती तूफान' के आने की आशंका बनी हुई है, इस तूफान का नाम अम्फान (Amphan) है , यह नाम थाईलैंड ने दिया है, जबकि स्काईमेट वेदर के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में मौसमी स्थितियां और वायुमंडलीय स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं, इसलिए संभावना है कि अगले 24-48 घंटों में यह सिस्टम प्रभावी होते हुए डिप्रेशन का रूप ले लेगा और 16 मई की शाम तक दक्षिण-मध्य और उससे सटे पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक 'चक्रवाती तूफान' उभर जाएगा।
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'चक्रवाती तूफान अम्फान'
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि यदि यह तूफान विकसित हुआ तो पहले 17 मई को उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और फिर इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। अगले 48 घंटे में और सटीक अनुमान लग सकेगा कि 'चक्रवात' की दिशा क्या होगी, विभाग के अनुसार यह' चक्रवात' मानसून की प्रगति में मदद करेगा।

अम्फान इस साल का पहला 'चक्रवाती तूफान'
बता दे कि अम्फान इस साल का पहला 'चक्रवाती तूफान' होगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 16 मई को कई स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं, इसलिए केरल में Yellow Alert जारी किया गया है, दक्षिण व केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में 15 मई को 55 से 65 किमी, 16 मई को 75 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

वज्रपात के साथ साथ ओलावृष्टि होने के आसार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में अभी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, इसमें कई जगहों पर बारिश और वज्रपात के साथ साथ ओलावृष्टि होने के आसार हैं और इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है।
भारी बारिश होने की आशंका
आईएमडी ने दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी ओड़िशा, अंडमान निकोबार, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक तमिलनाडु में भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है।

क्यों आते हैं 'चक्रवात'?
पृथ्वी के वायुमंडल में हवा होती है, समुद्र के ऊपर भी जमीन की तरह ही हवा होती है, हवा हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब वाले क्षेत्र की तरफ बहती है, जब हवा गर्म हो जाती है तो हल्की हो जाती है और ऊपर उठने लगती है, जब समुद्र का पानी गर्म होता है तो इसके ऊपर मौजूद हवा भी गर्म हो जाती है और ऊपर उठने लगती है, इस जगह पर निम्न दाब का क्षेत्र बनने लग जाता है, आस पास मौजूद ठंडी हवा इस निम्न दाब वाले क्षेत्र को भरने के लिए इस तरफ बढ़ने लगती है. लेकिन पृथ्वी अपनी धुरी पर लट्टू की तरह घूमती रहती है, इस वजह से यह हवा सीधी दिशा में ना आकर घूमने लगती है और चक्कर लगाती हुई उस जगह की ओर आगे बढ़ती है, इसे 'चक्रवात' कहते हैं।












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