Cyber Crime: बॉलीवुड किंग शाहरुख खान के खाते से 75 लाख उड़ाने वाले झारखंड से गिरफ्तार
पटना। बॉलीवुड के बादशाह यानी शाहरुख खान भी साइबर क्राइम का शिकार हो चुके हैं। बिहार की औरंगाबाद जिला पुलिस ने झारखंड के गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने साल 2013 में, फिल्म अभिनेता को अपनी ठगी का शिकार बनाया था। इन तीनों ने शाहरुख के बैंक अकाउंट से 75 लाख रुपए की चोरी की थी।

2013 में किंग खान के अकाउंट से गायब हुए थे 75 लाख
आपको बता दें कि साल 2013 में किंग खान ने, गिरिडीह में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब कोई अरेस्ट नहीं हुआ था। मीडिया से बात करते हुए एसपी ने कहा कि पकड़े गए तीनों लोग एक शातिर गिरोह का हिस्सा है, जिन्होंने शाहरुख खान से लेकर हरियाणा के डीजीपी की पत्नी के खाते से पैसे उड़ाए हैं, ये सभी फोन के जरिए खातों की जानकारी लेते थे और उसके बाद खातों पर हाथ साफ करते थे। गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य सरगना अहिल्यापुर थाने के चामलिटी गांव निवासी बजरंगी कुमार मंडल, अजय कुमार मंडल और छोटी मंडल शामिल हैं।

पुलिस ने बयां की सच्चाई
इस घटना के बारे में बात करते हुए पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद के एक निवासी के पास एक फोन आया और उससे कहा गया कि आपका बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया है, फोन करने वाले ने व्यक्ति से उसका पिन नंबर जानने की कोशिश की, उस व्यक्ति ने भी फोन करने वाले को घूम-घूमाकर उत्तर दिए, इसके बाद उसने फोन करने वाला नंबर और उसकी सारी बातें पुलिस वालों को बता दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

पुलिस ने अपराधियों के पास से 7 मोबाइल बरामद किए हैं
जांच में पता चला कि जिस नंबर से कॉल आया था, वो भागलपुर की संध्या देवी के नाम से है लेकिन उसका इस्तेमाल गिरिडीह में हो रहा है, जिसके बाद पुलिस गिरिडीह पहुंची, जहां से उसे तीन लोगों के बारे में पता चला, जिन पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं, पुलिस को इन तीनों के पास से 7 मोबाइल भी मिले हैं। पूछताछ में तीनों ने धोखाधड़ी वाली बातें कबूल ली हैं। ये सभी फेक आईडी, स्मार्ट फोन और मनी एप के सहारे लोगों को चूना लगा रहे थे।

स्मार्ट फोन और मनी एप के सहारे लोगों को लगाते थे चूना
इनके पास से जो फोन बरामद हुए हैं, उनमें पेटीएम, ओला मनी आदि इंस्टॉल थे जिसमें पहले राशि को लिया जाता है। इसके बाद राशि को बैंक खातों में लिया जाता है। बैंक खाता भी जाली कागजातों पर ही खोला जाता था, खाते में पैसे आते ही उन्हें बाहर निकाल लिया जाता था।












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