कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में किसान त्रस्त, बिजली आपूर्ति ना होने कारण किराए के टैंकरों से सींच रहे फसल
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अपनी छह लुकलुभावनी गारंटियों के बलबूते सत्ता में आने के लिए कांग्रेस काफी आश्वस्त है। वहीं पड़ोसी राज्य कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यहां के किसान त्रस्त हैं। अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के चलते किसानों को अपने खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए मंहगी कीमत चुका कर किराए पर टैंकर लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है। जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है।

बता दें कर्नाटक में इस बार बरसात के मौसम में कम बारिश हुई वहीं अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के त्रस्त होकर कर्नाटक के यादगीर, रायचूर, कालाबुरागी और पड़ोसी जिलों के कई किसानों को अब अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए भारी रकम टैंकर पर खर्च करना पड़ रहा है।
बिजली ना आने के कारण किसान अपने खेतों में बोरवेल का उपयोग करने में असमर्थ हैं और कई लोग चिंतित हैं कि उनकी फसलें सूख सकती हैं। खड़ी फसलों को बचाने के लिए बेताब उपाय करते हुए, किसान अब पानी के टैंकर किराए पर ले रहे हैं।
कलबुर्गी गन्ना किसान संघ के अध्यक्ष रमेश हुगर ने बताया पर्याप्त बिजली आपूर्ति ना होने के कारण किसानों को महंगा होने के बावजूद सिंचाई के लिए पानी के टैंकरों को खरीदना पड़ रहा है। किसानों के पास अपने फसल बचाने के लिए टैंकरों पर निर्भर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
किसानों को जल शुल्क के 300 रुपये के अलावा टैंकर और परिवहन शुल्क के लिए 3,600 रुपये खर्च करना पड़ रहा है आम तौर पर टैंकर प्रति एकड़ छह चक्कर लगाते हैं।
उन्होंने कहा ये किसानों पर अतिरिक्त बोझा है जो उन्हें खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए सहना पड़ रहा है। फसलों की सिंचाई पर जब इतना पैसा खर्च हो जा रहा है तो इस बार उन्हें फसल पर मुनाफा मिलने की उम्मीद नहीं है।
कालाबुरागी में लगभग 24,000 हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है और किसानों को अपनी फसल उगाने के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए बिजली जरूरी है लेकिन महज तीन घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही हे।












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