केंद्र के एतराज को SC कॉलेजियम ने किया दरकिनार, 5 जजों की नियुक्ति की दोबारा सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने गुरुवार को कहा कि सरकारी नीतियों की सार्वजनिक आलोचना न्यायधीश के रुप में नियुक्ति की अयोग्यता नहीं है।

हाईकोर्ट को जज के रूप नियुक्त करने के लिए भेजे गए पांच नामों के प्रस्ताव पर केंद्र के एतराज को कॉलेजियम ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने एक बार फिर से जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश कर दी। चार हाईकोर्ट के जजों के साथ ही 20 अन्य नामों की भी सिफारिश की गई है।
इन नामों की फिर से सिफारिश
दिल्ली हाई कोर्ट के लिए वकील सौरभ कृपाल, मद्रास हाई कोर्ट के लिए वकील आरजॉन सत्यन, कलकत्ता हाई कोर्ट के लिए दो वकील अमितेष बनर्जी और साक्य सेन और बांबे हाई कोर्ट के लिए वकील सोमशेखर सुंदरसन को जज के रूप में नियुक्त करने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दोबारा सिफारिश की है। ये ऐसे नाम हैं जिन पर केंद्र ऐतराज जताते हुए फिर से विचार करने का आग्रह किया था।
केंद्र के एतराज पर कॉलेजिम
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर चार सुप्रीम कोर्ट को पांच जजों के नामों पर एतराज जताया था। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर इन जजों की सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों की आलोचना का हवाला दिया गया। जिस पर कॉलेजियम ने कहा की सरकारी नीतियों की आलोचना किसी शख्स के न्यायधीश पद पर नियुक्त होने की अयोग्यता नहीं है।
20 अन्य नामों की सिफारिश
कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट के लिए जज के रूप में नियुक्त करने के लिए 20 नामों की सिफारिश की। जिसमें मद्रास हाई कोर्ट के लिए आठ, इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए नौ और कर्नाटक हाई कोर्ट के लिए तीन लोगों को जज के रूप में नियुक्त करने के लिए सिफारिश शामिल है।
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