OPINION: दिल्ली चुनाव में क्या 'अपराध' भी बनेगा ज्वलंत मुद्दा?

OPINION: दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को वोटिंग होगी और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। सबकी निगाहें दिल्ली पर है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इस बार दिल्ली का चुनाव सिर्फ इस वजह से खास नहीं होने जा रहा है कि एक दशक से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी को घेरने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस चौतरफा रणनीति पर काम रही है, बल्कि इससे इतर भी एक मुद्दा है। यह मुद्दा है राजधानी में बढ़ते क्राइम का।

एक तरफ विपक्षी भाजपा पुरजोर कोशिश में लगी हुई है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को गवर्नेंस के मुद्दे पर घेर सके। कांग्रेस भी समान मुद्दे पर आप को कटघरे में खड़ा कर रही है। लेकिन इन सब पर भारी दिल्लीवासियों की जान और माल की सुरक्षा को सत्ताधारी आम आदमी पार्टी प्रमुख मुद्दा बना के चल रही है।जिस प्रकार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के चुनावों में अपराध के मुद्दे पर भी वोटिंग होती है, दिल्ली में भी ये एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभर चुका है। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है, क्योंकि दिल्ली पुलिस भाजपा शासित केंद्र सरकार के अधीन है।

Arvind Kejriwal

एक नजर क्राइम के आकड़े पर

दिल्ली के क्राइम आंकड़े पर गौर करें तो महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़े हैं। राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। ऐसे में दिल्ली में बढ़ रहे अपराधों को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र सरकार को घेरने का कोई मुद्दा नहीं छोड़ रही है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध मामले में दिल्ली टॉप पर थी।

मेट्रो सिटी में भी टॉप पर दिल्ली

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हर साल महिलाओं के खिलाफ क्राइम के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। 2021 में राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 13,982 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, 2022 में इन ममालों में 14,158 मामलों के साथ 1.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 19 मेट्रो सिटीज में दिल्ली टॉप पर थी। दिल्ली के बाद दूसरा नंबर मंबई का था, जहां 6,176 मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद बेंगलुरू था, जहां 3,924 मामले सामने आए थे। तो 2020 में राजधानी दिल्ली में 9,782 के दर्ज किए गए थे।

NCRB के डेटा के अनुसार, Crime Against Women में 2022 में दिल्ली में 1204 रेप के मामले दर्ज हुए थे। वहीं दहेज प्रथा से रिलेटेट 129 केस सामने आए। एसिट अटैक के भी 5 केस सामने आए थे और महिलाओं की किडनैपिंग के 3909 मामले सामने आए।

दिल्ली में वोटर्स को लुभाने के लिए पार्टियां अपनी तरफ से अलग अलग दांव चल रही है। कांग्रेस भी क्राइम का मुद्दा जोरशोर से उठा रही है। लेकिन देखना दिलचस्प होगा की इस मुद्दे को पार्टियां कितना भुना पाती है। आम आदमी पार्टी पिछले साल से ही इस मु्द्दे को लेकर बीजेपी पर हमलावर है। सवाल ये है कि क्या सचमुच दिल्लीवासी अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए वोट करने जा रही है?

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