J&K:शोपियां में दो मौत पर बीजेपी-पीडीपी आमने-सामने, उमर अब्दुल्ला ने साधा सरकार पर निशाना
बीजेपी विधायक रविंद्र रैना ने कहा कि शनिवार को शोपियां में सेना की ओर से जो कार्रवाई की गई, वह अपने बचाव में की गई।
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में शनिवार को हुई फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज किए गए हत्या के मामले पर बीजेपी-पीडीपी आमने-सामने आ गए हैं। बीजेपी मेजर आदित्य पर दर्ज हत्या का केस वापस लेने की मांग कर रही है। बीजेपी नेता और रामनगर से विधायक आरएस पठानिया के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, 'ये बात मुझे समझ नहीं आती कि क्या आप पहले ही दिन से फांसी पर चढ़ा दोगे?' बीजेपी विधायक का कहना है कि अगर कोई घटना हुई है तो क्या पहले दिन एफआईआर कर दोगे?

वहीं, बीजेपी विधायक रविंद्र रैना ने कहा कि शनिवार को शोपियां में सेना की ओर से जो कार्रवाई की गई, वह अपने बचाव में की गई। प्रदर्शनकारियों ने सेना के जवानों पर हमला किया था और हथियार छीनने की भी कोशिश् की गई थी। रैना ने कहा कि सेना के खिलाफ चाहे केस दर्ज हो या मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए जाएं, इस बात से कोई असर नहीं पड़ने वाला। रैना ने कहा कि सेना का अपना कोर्ट है। शनिवार को शोपियां फायरिंग में जावेद अहमद बट्ट और सुहेल अहमद की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के सत्ताधारी गठबंधन में दरार पड़ती नजर आ रही है।
शोपियां फायरिंग मामले को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला का भी बयान आया है। उन्होंने राज्य की महबूबा सरकार ने सवाल पूछा है कि अगर हम हत्या और हत्या की कोशिश करने वालों के नाम जानते हैं तो मजिस्ट्रेट से जांच कराने की क्या जरूरत हैं? हमें उन लोगों को न्याय दिलाना चाहिए, जिन्होंने जान गंवाई और ऐसे कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे आगे ऐसी घटना न हो।
उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कन्फ्यूज कर रही है। एक ओर मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए जा रहे हैं। यह बात तब समझ आती जब एफआईआर किसी अज्ञात शख्स के नाम दर्ज हुई होती, लेकिन एफआईआर में तो मेजर और एक अन्य का नाम दर्ज है।












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