राज्यसभा हंगामा: माकपा MP एलामारन ने RS महासचिव को लिखा पत्र, जांच की मांग
नई दिल्ली, अगस्त 13: मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद अब सरकार और विपक्षी दल एक दूसरे पर हमलावर हैं। बुधवार शाम को राज्यसभा में हंगामे पर सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक पुरुष मार्शल के साथ माकपा सांसद एलामारन करीम ने मारपीट की और एक महिला मार्शल को कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम और छाया वर्मा ने घसीटा और मारपीट की। अब इस मामले पर खुद माकपा सांसद एलमारन करीम की ओर से पत्र जारी किया गया है।

माकपा सांसद एलामारन करीम ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नयाडू को पत्र लिखकर अभद्रता करने वाले मार्शलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद एलाराम करीम ने राज्यसभा के महासचिव को पत्र लिखकर 11 अगस्त को राज्यसभा कक्ष के अंदर विपक्षी सांसदों पर शारीरिक हमला करने और उन पर हमला करने की घटनाओं पर तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं दूसरी ओऱ सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही है कि, संसद के उच्च सदन के अध्यक्ष उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू मानसून सत्र के दौरान 11 अगस्त 2021 को राज्यसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई मारपीट की जाँच करने का आदेश दे सकते हैं। एएनआई के मुताबिक कहा जा रहा है कि यह भी हो सकता है कि इस मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपा जा सकता है या फिर नई समिति के गठन पर भी विचार हो सकता है।
दरअसल राज्यसभा में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और सुरक्षा घेरे को तोड़ने के लिए मार्शलों के साथ हाथापाई भी की। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा सहायकों ने राज्यसभा सचिवालय में संसद की सुरक्षा सेवा के निदेशक को पत्र लिख कर कुछ विपक्षी सांसदों पर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं। सुरक्षा सहायक जीआर-1 राकेश नेगी ने राज्यसभा सचिवालय में संसद की सुरक्षा सेवा के निदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि 11 अगस्त 2021 को मुझे राज्यसभा चैंबर के अंदर मार्शल ड्यूटी करने के बारे में जानकारी दी गई थी।
उन्होंने लिखा कि, सांसद एलामारन करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों का सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने आगे लिखा है कि इस दौरान करीम ने मुझे सुरक्षा घेरे से बाहर निकालने के लिए मेरा गला पकड़ लिया, जिसके चलते कुछ देर के लिए मेरा दम घुटा और सांस लेने में तकलीफ हुई। जीआर-2 में सुरक्षा सहायक अक्षिता भट्ट ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ पुरुष सांसद मेरी ओर झपटे और सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। जब मैंने इसका विरोध किया तो सांसद छाया वर्मा और फूलो देवी नेतम आगे आईं और सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए पुरुष सांसदों के आगे आने के लिए जगह बनाई। दोनों महिला सांसदों ने पुरुष सांसदों की मदद करने के लिए मुझे शारीरिक रूप से और जबरन मेरी बांह पकड़कर घसीटा।












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