CPI नेता Chandu Rathod कौन थे? जिनकी हैदराबाद में मॉर्निंग वॉक के दौरान हत्या, कितनी थी संपत्ति?
Chandu Rathod Net Worth: हैदराबाद से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के हैदराबाद शहर समिति के नेता चंदू राठौड़ (47) की मलकपेट के शालिवाहन नगर पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को सुबह करीब 7:30 बजे हुआ, जिसने स्थानीय समुदाय और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया।
चार आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है, और जांच में भूमि विवाद और पुरानी रंजिश को हत्या का कारण माना जा रहा है। आइए, जानते हैं चंदू राठौड़ के जीवन, उनकी संपत्ति, और इस हत्याकांड की पूरी कहानी...

Who Was Chandu Rathod: कौन थे चंदू राठौड़?
चंदू राठौड़, जिन्हें चंदू नाइक के नाम से भी जाना जाता था, तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले के बालमुर मंडल के नरसाईपल्ली गांव के मूल निवासी थे। वे अपने परिवार के साथ हैदराबाद के चैतन्यपुरी में रहते थे। CPI की हैदराबाद शहर समिति के सदस्य और राज्य परिषद के नेता के रूप में उनकी क्षेत्र में मजबूत पहचान थी। इससे पहले, चंदू CPI (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी CPI(ML) से जुड़े थे, लेकिन कुछ साल पहले उन्होंने CPI जॉइन कर लिया था।
चंदू स्थानीय राजनीति में सक्रिय होने के साथ-साथ रियल एस्टेट व्यवसाय में भी शामिल थे। उनकी पत्नी, नारी बाई, ने बताया कि चंदू गरीबों के लिए सरकारी जमीन पर झोपड़ियां बनाने में मदद करते थे, जिसके चलते उनकी छवि समाजसेवी की थी। हालांकि, वे 2022 में LB नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक हत्या के मामले में भी आरोपी थे, जिसकी जांच अभी चल रही है।
Chandu Rathod Net Worth: चंदू राठौड़ की नेट वर्थ
चंदू राठौड़ की कुल संपत्ति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, उनके रियल एस्टेट व्यवसाय और राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए स्थानीय स्रोतों का अनुमान है कि उनकी संपत्ति 2-5 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। यह अनुमान उनकी जमीन से जुड़ी गतिविधियों और चैतन्यपुरी में उनके रहन-सहन के आधार पर लगाया गया है। चंदू की पत्नी ने दावा किया कि वे कुंटलूर में झोपड़ियों के लिए 20,000-30,000 रुपये की वसूली के खिलाफ थे, जिससे उनकी संपत्ति का एक हिस्सा सामाजिक कार्यों में भी गया हो सकता है।
Chandu Rathod Murder: कैसे हुई हत्या?
पुलिस के अनुसार, चंदू राठौड़ अपनी पत्नी नारी बाई और बेटी के साथ शालिवाहन नगर पार्क में मॉर्निंग वॉक पर थे। सुबह 7:30 बजे, तीन से चार हमलावर एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में आए। उन्होंने पहले चंदू के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वह कुछ देख न सके। जब चंदू भागने की कोशिश कर रहे थे, हमलावरों ने उन पर पांच से सात गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर उसी कार में फरार हो गए।
चंदू की पत्नी ने बताया, 'मैंने रात और सुबह एक संदिग्ध, राजेश, को स्विफ्ट कार में देखा था। मैंने चंदू को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।' नारी बाई के अनुसार, राजेश, जो CPI(ML) से जुड़ा है और देवरुप्पाला का रहने वाला है, चंदू का पुराना दोस्त था, लेकिन कुंटलूर में झोपड़ियों से जुड़े विवाद के कारण उनकी रंजिश हो गई थी।
चार आरोपियों का आत्मसमर्पण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या में शामिल चार आरोपियों ने 15 जुलाई की दोपहर विशेष अभियान दल (स्पेशल ऑपरेशंस टीम) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पूछताछ के बाद आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।' मलकपेट पुलिस ने हत्या का मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया है।
जांच में क्या सामने आया?
- भूमि विवाद और रंजिश: पुलिस का मानना है कि हत्या का कारण पुरानी रंजिश या रियल एस्टेट से जुड़ा विवाद हो सकता है। चंदू की पत्नी ने राजेश और कुछ अन्य लोगों पर कुंटलूर में झोपड़ियों से अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसका चंदू विरोध करते थे।
- CCTV और फोरेंसिक जांच: पुलिस ने घटनास्थल से तीन फायर किए गए और दो न फायर किए गए कारतूस बरामद किए। आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है, और दस विशेष टीमें आरोपियों को पकड़ने में जुटी हैं।
- चंदू का आपराधिक रिकॉर्ड: चंदू 2022 में LB नगर में एक सेंटरिंग वर्कर भानु की हत्या के मामले में आरोपी थे। पुलिस इस मामले को भी हत्या से जोड़कर जांच कर रही है।
चश्मदीद ने क्या कहा?
घटना के बाद शालिवाहन नगर में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह के समय पार्क में 20-30 लोग मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने किसी को नजदीक नहीं आने दिया। एक गवाह, अविनाश, ने कहा, 'पहले हमें लगा कि बाइक का शोर है, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर हम दौड़े। तब तक हमलावर भाग चुके थे।'
CPI के राष्ट्रीय नेता के. नारायण ने कहा, 'हमें लगता है कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से नहीं, बल्कि निजी दुश्मनी के कारण हुई।' स्थानीय लोगों ने चंदू को मददगार नेता बताया, जो गरीबों के लिए मकान और बोरवेल जैसे कामों में सहायता करते थे।
क्या है हत्याकांड का सच?
पुलिस का मानना है कि यह हत्या सुनियोजित थी। चंदू के भाई जयपाल ने छह लोगों के नाम पुलिस को सौंपे हैं, जिनमें से एक मुख्य संदिग्ध है। जांच में रियल एस्टेट विवाद, पुरानी रंजिश, और चंदू के आपराधिक रिकॉर्ड को जोड़ा जा रहा है। यह हत्याकांड हैदराबाद में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और रियल एस्टेट से जुड़े विवादों पर सवाल उठाता है।
चंदू राठौड़ की हत्या ने न केवल उनके परिवार को झकझोरा, बल्कि स्थानीय समुदाय में भी असुरक्षा की भावना पैदा की है। पुलिस की जांच से जल्द ही इस मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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