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Lockdown-2:गृह मंत्रालय ने जिलों को जोन में शुरू किया बांटना, जानें आपका घर किस जोन में है?

नई दिल्ली। देश के कुल 170 जिलों को कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के सभी 718 जिलों को कोरोना वायरस के असर की गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत करने किया है। इसके अलावा 207 इलाकों को नॉन हॉटस्पॉट यानी ऑरेंज जोन घोषित किया है। इसके तहत सभी जिलों को तीन जोन में बांटा गया है। पहला- हॉटस्पॉट, दूसरा- नॉन हॉटस्पॉट और तीसरा- वह जिले जहां अब तक कोई केस नहीं आए हैं।

क्लस्टर कंटेनमंट स्ट्रेजी

क्लस्टर कंटेनमंट स्ट्रेजी

केंद्र सरकार के मुताबिक, अगर किसी इलाके में एक साथ 15 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं। इसमें महामारी का लिंक जुड़ा हुआ होता है। तो वहां राज्यों और जिलों को निर्देश है कि क्लस्टर कंटेनमेंट स्ट्रेजी लागू करें। इसमें इलाके के एंट्री और एक्जिट प्वाइंट को तय किया जाता है। अलग टीम गठित की जाती है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, नगर निगम, रेवेन्यू और वॉलेंटियर होते हैं। इनका काम कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और डोर टू डोर सर्वे का होता है।लोगों को जरूरी सामान घरों में उपलब्ध कराया जाता है।

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    लार्ज आउटब्रेक स्ट्रेजी

    लार्ज आउटब्रेक स्ट्रेजी

    यह उन इलाकों के लिए है जहां, एक साथ कई क्लस्टर देखने को मिलते हैं। इन इलाकों में एक साथ 15 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित पाए जाते हैं। इसमें महामारी का लिंक जुड़ा हुआ नहीं होता है। मरीज कहां से संक्रमित हुआ यह पता नहीं चल पाता है। केंद्र सरकार के मुताबिक 170 हॉटस्पॉट में से 123 में लार्ज आउटब्रेक स्ट्रेजी पर सरकार काम कर रही है। ये सभी रेड जोन में आते हैं।

    कैसे होता है रेड जोन घोषित

    कैसे होता है रेड जोन घोषित

    जहां कोरोना संक्रमित लोगों का केस लोड(वे इलाके जहां राज्य के तकरीबन 80 फीसदी कोरोना पॉजिटिव केस रिपोर्ट किए जा रहे हैं) 80 फीसदी है या फिर उससे अधिक हैं। इसके अलावा इन इलाकों में किस दर से कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या दोगुनी हो रही है। जिस इलाके में चार दिन से कम में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही होगी, वो रेड ज़ोन में डाले गए हैं। रेड जोन वाले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है, यहां किसी को भी बाहर आने-जाने की परमिशन नहीं होगी। खाने-पीने और जरूरी सामानों की डिलिवरी आपको घर पर ही मिलेगी। घर-घर सर्वे कर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी। बफर जोन में आर्थिक गतिविधियों पर रोक रहेगी, लेकिन जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी।

    आरेंज जोन

    आरेंज जोन

    केंद्र सरकार आरेंज जोन उन इलाकों को मान रही हैं जो नॉन-हॉटस्पॉट जोन में। इसके लिए तो पैमाना तय किया गया है। उसके मुताबिक यहां मरीजों की संख्या रेड जोन के मुकाबले कम होती है । लेकिन ध्यान ना देने पर ये कभी भी रेड जोन में जा सकते हैं। अगर आपका घर ऑरेंज जोन में आता है, तो आपको कुछ राहत मिल सकती है। आप जरूरी सामान लाने के लिए एक निश्चित समय पर घर से बाहर निकल पाएंगे, लेकिन, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास खयाल रखना होगा। ऐसे इलाकों में फसल की कटाई समेत कुछ गतिविधियों की छूट रहेगी। हालांकि, मजदूर उसी इलाके के ही काम पर लगाए जा सकेंगे. बाहर के इलाकों से मजदूरों के लाने पर पाबंदी रहेगी।

    ग्रीन जोन

    ग्रीन जोन

    उन इलाकों में अगर 28 दिनों तक कोरोना के एक भी मरीज मिलता है। वे उन्हें ग्रीन जोन में रखा जाएगा। ग्रीन जोन में ऐसे जिले रहेंगे, जिनमें अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है। ऐसे इलाके में लोगों को बाकी दोनों के मुकाबले ज्‍यादा छूट रहेगी। ग्रीन जोन इलाकों में छोटे और मझोले उद्योग धंधे अपना काम शुरू कर पाएंगे। हालांकि, काम शुरू करने वाले उद्योगों को कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था परिसर में ही करनी होगी।वहीं, लोग अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकल सकेंगे।

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