1 मार्च में शुरू हो रहे टीकाकरण के दूसरे चरण में वैक्सीन लगवाने के लिए जरूर करना होगा ये काम
नई दिल्ली। कोरोना वायरस का प्रकोप एक बार फिर देश के कुछ राज्यों में बढ़ चुका है। कोरोना से बचाव के लिए देश भर के राज्यों में 1 मार्च को टीकाकरण के दूसरे चरण की शुरूआत हो रही है। टीकाकरण के दूसरे चरण में कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को Co-WIN प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करना होगा। ये जानकारी शुक्रवार को वैक्सीन कमेटी के प्रमुख ने साझा की।
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बता दें 16 जनवरी को देश भर के राज्यों में कोरोना टीकाकरण के पहले चरण की शुरूआत हुई थी। जिसमें फ्रंट लाइन वर्कस और हाईरिस्क में आने वाले लोगों को प्राथमिकता से टीका लगवाया गया था। टीकाकरण का पहला चरण अब पूरा हो चुका है और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार सभी स्वास्थ्यकर्मियों को 68.3 प्रतिशत को पहली डोज और 37.6% योग्य स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक दी गई है। इसके अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स को 28.2 प्रतिशत पहली खुराक दी गई थी। इसमें कहा गया है कि बुधवार को शाम 6:00 बजे तक कुल 91,86,757 टीकाकरण डोज दी गई है।
CO-Win डिजिटल एप पर करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
मालूम हो कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कोरोना वैक्सीन लाभार्थियों के सेल्फ रजिस्ट्रेशन के लिए CO-Win डिजिटल एप का 2.0 वर्जन तैयार है। साथ ही टीकाकरण अभियान में निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को भी शामिल करने की योजना चल रही हैसरकारी आदेश के अनुासार कोविड टीकाकरण के लिए 50 वर्ष से अधिक की आयु वाले रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जो स्वास्थ्य सेवाकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के बाद तीसरी जनसंख्या प्राथमिकता समूह है। 27 करोड़ लोग रजिस्ट्रेशन करा पाएंगे जिनकी आयु 50 वर्ष से अधिक है।
45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी लगेगी वैक्सीन लेकिन....
वहीं शुक्रवार के एक सरकारी आदेश के अनुसार 60 साल से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 1 मार्च यानी सोमवार से कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन दी जाएगी। देश भर में ऐसे लोगों की संख्या लगभग 27 करोड़ है। वहीं इस टीकाकरण को लेकर सरकार ने विशेष गाइडलाइन भी जारी की हैं। वहीं देश के सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन मुफ्त लगेगी । अगर कोई शख्स निजी अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाता है तो उसकी कीमत चुकानी होगी।कोरोना से बचाव की वैक्सीन 10 हजार सरकारी केंद्रों और 20 हजार प्राइवेट अस्पतालों में लगेगी। कि 45 साल से अधिक उम्र के दूसरी बीमारियों के मरीजों को रजिस्ट्रेशन के समय मेडिकल सर्टिफिकेट पेश करना होगा, जिसमें उनकी बीमारी की जानकारी होनी चाहिए।












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