इस प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन के लिए कोरोना की RT-PCR रिपोर्ट जरूरी, नई गाइडलाइन भी हुई जारी
नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद भी सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोल दिया है, जिसके लिए कई शर्तें रखी गई हैं। अब केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर ने श्रद्धालुओं के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत 27 दिसंबर से जो भी श्रद्धालु मंदिर के दर्शन करने जाएंगे, उनके पास कोविड-19 जांच की निगेटिव रिपोर्ट होना जरूरी है। मंदिर ने साफ किया कि वो सिर्फ कोरोना के RT-PCR टेस्ट की ही रिपोर्ट को स्वीकार करेंगे। इसके अलावा किसी अन्य रिपोर्ट के साथ श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं मिलेगी।

त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) के मुताबिक केरल हाईकोर्ट ने अब रोजाना के तीर्थयात्रियों की संख्या 5000 कर दी है। मकरविलाक्कु त्योहार के दौरान 31 दिसंबर से 19 जनवरी तक जिन भक्तों के पास कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट होगी, उन्हीं को ही पहाड़ी पर जाने को मिलेगा। कोरोना महामारी के बाद ये पहली तीर्थयात्रा है, इस वजह से खास ऐहतियात बरते जा रहे हैं। बोर्ड ने साफ किया कि रिपोर्ट 48 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही सिर्फ RT-PCR टेस्ट ही मान्य होगा। वहीं सबरीमाला मंदिर में जो पुलिसकर्मी और कर्मचारी तैनात हैं, उनकी भी कोरोना जांच होगी। इससे पहले एंटीजन टेस्ट ही श्रद्धालुओं के लिए काफी था।
टीडीबी अध्यक्ष एन. वसु के मुताबिक सरकार ने सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड दिया है। इस बीच हाईकोर्ट ने भी कोरोना महामारी के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अभी सोमवार से शुक्रवार तक सिर्फ 2000 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में दर्शन की इजाजत दी गई थी, वहीं हफ्ते के अंत में इस संख्या को बढ़ाकर 3000 कर दिया जाता था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद रोजाना 5000 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।












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