डॉक्टरों की लापरवाही की बलि चढ़ा नवजात, अल्ट्रासोनोग्राफी में दिखा था केवल एक बच्चा, जन्में दो

गुरुग्राम में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक महिला ने अपना बच्चा खो दिया। डॉक्टरों ने महिला को बताया कि कोख में केवल एक ही बच्चा है लेकिन डिलीवरी के वक्त जुड़वा बच्चों को देखकर डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। डिलीवरी के कुछ ही दिनों बाद दूसरा बच्चा डॉक्टरों की लापरवाही की बलि चढ़ गया।

नई दिल्ली। गुरुग्राम में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक महिला ने अपना बच्चा खो दिया। डॉक्टरों ने महिला को बताया कि कोख में केवल एक ही बच्चा है लेकिन डिलीवरी के वक्त जुड़वा बच्चों को देखकर डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। डिलीवरी के कुछ ही दिनों बाद दूसरा बच्चा डॉक्टरों की लापरवाही की बलि चढ़ गया। अब अल्ट्रासाउंड करने वाले सेंटर के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।

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गुरुग्राम के सोहना में गोयल अल्ट्रासाउंड एंड डायगनॉस्टिक सेंटर में मीना की दो अल्ट्रासोनोग्राफी हुई थी। एक अल्ट्रासोनोग्राफी सितंबर 29 और एक 17 जनवरी को की गई थी। दोनों ही अल्ट्रासोनोग्राफी में आया था कि मीना की कोख में एक ही बच्चा है। जनरल अस्पताल ने इन्हीं यूएसजी रिपोर्ट्स के आधार पर मीना को 6 मार्च की डिलीवरी की डेट दी लेकिन 21 जनवरी को ही मीना लेबर पेन में चली गई। अस्पताल में रात 11 बदे मीना ने नॉर्मल डिलीवरी से एक बेटी को जन्म दिया।

बेटी के जन्म के 10 मिनट बाद ही मीना दोबारा से लेबर पेन में चली गई। डॉकटरों ने चेकअप किया तो पाया कि कोख में एक और बच्चा है। रात 11:30 बजे मीना ने एक बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी में इस 20 मिनट की देरी बच्चे के लिए हानिकारक साबित हुई और जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में काफी तकलीफ हुई। अस्पताल के डॉक्टरों ने मीना और उसके पति हीरानंद को दूसरे बच्चे के बारे में न बताने की शिकायत की। मीना का कहना है कि जब उन्हें खुद ही दूसरे बच्चे के बारे में नहीं मालूम था तो वो डॉक्टरों को कैसे बताते।

दूसरे बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद मां और बच्चे को गुरुग्राम के ही सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया लेकिन अस्पताल ने जगह कम पड़ने के कारण केवल बच्चे को ही भर्ती किया। इसके बाद दोनों को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पातल में भर्ती रेफर किया गया। बच्चे को एनआईसीयू में ऑक्सीजन पर रखा गया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 25 जनवरी को बच्चा 20 मिनट के लंबे अंतराल पर सांसें ले रहा था। डॉक्टरों ने शाम को मीना के दूसरे बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

मीना ने एक सिविल सर्जन से चिकित्सा में लापरवाही की शिकायत की है। सिविल सर्जन डॉक्टर बीके राजोरा का कहना है कि मेडिकल लापरवाही बोर्ड इस मामले में जांच का आयोजन करेगा। यूएसजी सेंटर के खिलाफ लापरवाही के सबूत मिलने पर उसके खिलाफ जरूरी कार्यवाई की जाएगी।

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