जानिए कैसे कार्गो विमान, रेल माध्यम से देशभर में पहुंचाई जाएगी कोरोना वैक्सीन

Coronavirus Vaccine: भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन के वितरण को लेकर सरकार पुख्ता योजना बना रही है। आज कोरोन की वैक्सीन को स्वीकृति देने के लिए एक्पर्ट कमेटी की बैठक होगी। यह बैठक सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के तहत की जाएगी, जिसमे तीन मुख्य कंपनियों फाइजर, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया औरऑक्सफोर्ड आस्ट्राजीनेका वैक्सीन और भारता बायोटेक की कोवाक्सिन को स्वीकृति देने पर फैसला लिया जाएगा। सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन के ट्रायल के आंकड़े पहले ही कमेटी के सामने पेश किए जा चुके हैं, जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है, इसे यूके की ओर से बुधवार को स्वीकृति दे दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत में भी ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी इस वैक्सीन को अपनी स्वीकृति दे देगी। लिहाजा इस वैक्सीन को सरकार किस तरह से देशभर में पहुंचाएगी, आइए डालते हैं इसपर एक नजर

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कार्गो प्लेन से भेजी जाएगी वैक्सीन

सरकार द्वारा वैक्सीन को देशभर में पहुंचाने के लिए जो योजना बनाई गई है उससे जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए एक विशेष कार्गो प्लेन जिसमे कोल्ड बॉक्स स्टोरेज होंगे, रेफ्रिजरेटर वैन होगी उसे भेजा जाएगा। पुणे में सीरम इंस्टिट्यूट से वैक्सीन को लाने के लिए इस कार्गो प्लेन का इस्तेमाल किया जाएगा जिसके बाद इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाएगा।

देशभर में बनाए गए हजारों टीकाकरण केंद्र
देश के अलग-अलग प्रदेशों में कोरोना की वैक्सीन को पहुंचाने के बाद इसे अलग-अलग जिलों में प्रशासन भेजेगा। इसके लिए देशभरमें हजारों टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं जहां वैक्सीन का वितरण कई हफ्तों तक भेजा जाएगा। शुरुआत में वैक्सीन को सिर्फ सरकारी अस्पताल, पब्लिक हेऔर बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भेजा जाएगा। जहां सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंटलाइन वर्कर जैसे पुलिस कर्मियों को यह वैक्सीन दी जाएगी।

विमान, रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल
पोलिंग बूथ, वेडिंग हॉल्स, कम्युनिटी सेंटर और मोबाइल वैन का इस्तेमाल टीकाकरण केंद्र के तौर पर किया जाएगा। इन सेंटर्स पर बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से लड़ रहे कोरोना मरीजों को वैक्सीन दी जाएगी। नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप सीरम इंस्टिट्यूट को वैक्सीन की डोज की निर्धारित डोज का ऑर्डर समय-समय पर देता रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन को विमान, सड़क मार्ग और रेल माध्यम से भेजा जाएगा। फिलहाल ट्रेन में रेफ्रिजरेटर वैन के इस्तेमाल की जरूरत नहीं है।

सीरम इंस्टिट्यूट पर होगी अहम जिम्मेदारी
पुणे के करीब के केंद्र पर सड़क मार्ग से वैक्सीन को भेजा जाएगा। जबकि लंबी दूरी के लिए कार्गो फ्लाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। सीरम इंस्टिट्यूट की यह जिम्मेदारी होगी की वह वैक्सीन वाइल को निर्धारित स्थान तक सुरक्षित पहुंचाए जहां से इसे ट्रांसपोर्ट के लिए भेजा जाना होगा। हालांकि इसपर सरकार पूरी तरह से नजर रखेगी, डिलिवरी प्वाइंट तक वैक्सीन के पहुंचने के बाद इसे देश के अलग-अलग हिस्से तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार की है।

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