स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे मिले, कंपनी ने दी राहत की खबर
नई दिल्ली। भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के क्लीनिकल ट्रायल के पहले फेज के नतीजे मिल गए हैं। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की इस वैक्सीन ने पहले फेज के ट्रायल में उम्मीद जगाई है। कंपनी की ओर से बुधवार को कहा गया है कि वैक्सीन ने शरीर में एंटीबॉडी बनाई है और इससे कोई रिएक्शन भी इससे नहीं हुआ है। पहले टीका के बाद कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई और जो थीं वो दवा के बिना तेजी से ठीक हो गई। इंजेक्शन जहां लगाया गया, उस जगह से दर्द भी खुद ठीक हो गया। भारत बायोटेक की इस वैक्सीन का पहले चरण का क्लीनिकल ट्रायल सितंबर महीने में ही समाप्त हो गया था जिसके नतीजे अब सार्वजनिक किए गए हैं।
Recommended Video

कोरोना टीका दिए जाने के लिए देश में तैयारियां हो रही हैं। 12 दिसंबर को ही वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। डीजीसीआई तीन अलग-अलग कंपनियों की अपनी-अपनी वैक्सीन के इमर्जेंसी यूज की मंजूरी वाले आवेदन पर विचार कर रही है। भारत बायोटेक, सीरम इंस्टिट्यूट और फाइजर अपनी-अपनी कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी का आवेदन दे चुकी हैं। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑ इन तीनों कंपनियों को यह मंजूरी देने से पहले वैक्सीन से जुड़े और आंकड़े की मांग की है।
कोरोना का टीका सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्करों को लगेगा। हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कवर करने के बाद, ऐसे राज्य जहां पर 50 साल से ज्यादा उम्र वाले और को-मार्बिडिटीज वाले लोग ज्यादा हैं, उन्हें ज्यादा डोज भेजी जाएंगी। केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि 50 साल से कम उम्र के वे लोग शामिल किए जाएंगे, जो किसी बीमारी से ग्रस्त हैं। बाकी लोगों को टीका महामारी के फैलाव के आधार या टीके की उपलब्धता के अनुसार दिया जाएगा। टीकाकरण के लिए विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कोरोना टीकाकरण के लिए कोई दिन भी निर्धारित किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications