उद्धव ठाकरे से बातचीत के बाद शरद पवार ने किए एक के बाद एक 14 ट्वीट, बताया- कैसे पटरी पर लौटेगा महाराष्ट्र
नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार में सरकार की सहयोगी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ मुलाकात के बाद बताया है कि बैठक में क्या कुछ बात हुई है। शरद पवार ने बुधवार को 14 ट्वीट किए, जिसमें प्रदेश में कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते पैदा हुए हालात से किस तरह अब निकला जाए, इस पर उन्होंने बात की है। महाराष्ट्र के सीएम और केंद्र में मंत्री रह चुके शरद पवार ने मंगलवार को सीएम उद्धव से बात की है।

शैक्षिक संस्थानों पर ध्यान देने की जरूरत: पवार
शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ राज्य में कोरोना के बाद की स्थिति और विभिन्न वर्गों को राहत प्रदान करने के लिए कदम उठाने और सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में चर्चा की। मैंने निम्नलिखित विषयों पर अपने सुझाव दिए हैं।
शिक्षण संस्थानों को लेकर शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, कोरोना और लॉकडाउन के चलते अगले शैक्षणिक वर्ष में देरी होगी। इससे छात्रों और शिक्षकों की संख्या में कमी आएगी। शैक्षिक संस्थानों और तकनीकी संस्थानों की आय पर भी इसका असर होगा। लॉकडाउन से शैक्षणिक संस्थानों को राजस्व का घाटा हुआ है, जिससे उनके चरमराने की नौबत आ सकती है, ऐसे में यह सुनिश्चित करने के लिए एक अध्ययन दल बनाया जाए कि विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थानों को नुकसान नहीं हो तथा शिक्षण में देर ना हो।

मजदूरों की वापसी के लिए काम करना होगा
लॉकडाउन के बाद ठप हो चुके उद्योग धंधो पर शरद पवार ने कहा, फैक्ट्रियां फिर से शुरू होने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि राज्य और राज्य के बाहर के मजदूर गांवों में चले गए हैं। हमें उन्हें वापस लाने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है। ताकि महाराष्ट्र में औद्योगिक गतिविधियां फिर शुरू की जा सकें।
इसके साथ-साथ पवार ने कहा कि राज्य के मंत्रियों और अधिकारियों को उपस्थिति को सामान्य स्थिति में लौटाने के लिए जनता का विश्वास बहाल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी बंदरगाहों में काम की गति धीमी पड़ गई है। आयात, निर्यात और शिपिंग बढ़ाने के लिए, क्षेत्र में उद्योगपति, उद्यमियों और विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ परामर्श किया जाना चाहिए।
पवार ने कहा, कोरोना ने परिवहन सेवाओं को पूरी तरह से ठफ कर दिया है। हमें राज्य के भीतर सड़क परिवहन को धीरे-धीरे बहाल करने और हवाई और रेल सेवाओं की बहाली के लिए योजना बनाने के लिए सही कदम उठाने की आवश्यकता है।

कोरोना के साथ ही चलेगा काम काज भी
पवार ने ये भी कहा कि कोरोना महामारी बहुत जल्दी पूरी तरह से खत्म नहीं होगी। ऐसे में इसके साथ ही जीना सीखना है, इसे अब रोज जीवन के हिस्से के तौर पर स्वीकार करना है, इससे सावधान रहें और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करें। लोग व्यक्तिगत स्वच्छता को अपने नियमित सामाजिक जीवन के हिस्से के रूप में शामिल करें। मैं लोगों से दस्ताने पहनने, मास्क पहनने, सैनिटाइजर लगाने, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर साबुन से हाथ धोने का आग्रह करता हूं। मेरी सूचना विभाग से भी अपील है कि आम लोगों में जागरूकता फैलाएं।












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