लैब में हुई गलती नहीं असली है कोरोना वायरस का डेल्टाक्रॉन वेरिएंट, इंग्लैंड में बढ़े मामले
लैब की गलती का नतीजा नहीं असली है कोरोना वायरस का नया , इंग्लैंड में बढ़े मामले
नई दिल्ली, 17 फरवरी: बीते दो साल से ज्यादा वक्त से दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर रही है। हाल के दिनों में कई देशों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते इस बीमारी की तीसरी लहर देखने को मिली है। अब जबकि तीसरी लहर नीचे आने लगी है तो कोरोना वायरस का नया वेरिएंट डेल्टाक्रॉन आ गया है। ब्रिटेन में इस नए वेरिएंट के मामले मिले हैं। दरअसल, शुरू में इस वेरिएंट को लैब में हुई कोई गलती माना जा रहा था लेकिन अब डॉक्टरों ने माना है कि ये कोई गलती नहीं बल्कि वाकई में एक नया वेरिएंट है।
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बीते महीने कोरोना का वेरिएंट डेल्टाक्रॉन मिला था। जिसके बाद कुछ जानकारों ने कहा था कि इसको लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये लैब में कुई किसी त्रुटि की वजह से हो सकता है। हालांकि अब कई इंग्लैंड और कुछ अन्य देशों में इसके मामले मिलने लगे हैं। डेल्टाक्रॉन को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ये डेल्टा और ओमिक्रॉन स्ट्रेन से बना हाइब्रिड वेरिएंट है।
यूके, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में डेल्टाक्रॉन के मरीज मिल चुके हैं। जिसके बाद भारत समेत दुनिया के कई देश जीनोमिक सर्विलांस पर ध्यान दे रहे हैं। एक्सपर्ट मान रह हैं कि डेल्टाक्रॉन की डेल्टा वेरिएंट और ओमिक्रोन वेरिएंट दोनों से संक्रमित हुए किसी मरीज से हुई है। ये कितना संक्रामक है, इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो सकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से पहले ही ये कहा जा चुका है कि कोरोना के नए वेरिएंट आने से इनकार नहीं किया जा सकता है। नए वेरिएंट पहले से मौजूद वेरिएंट से ज्यादा तेजी से फैलने वाले भी हो सकते हैं।
भारत में कोरोना की स्थिति
भारत में डेल्टाक्रॉन का अभी कोई केस नहीं मिला है, वहीं तीसरी लहर भी खत्म होने की ओर है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 17 फरवरी को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 30,757 मामले सामने आए हैं। वहीं 541 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है। देश में एक्टिव केसों की संख्या अब 3 लाख 33 हजार है। वहीं कुल डिस्चार्ज हुए लोगों की संख्या 4,19,10,984 है।












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