Mumbai: कोरोना वायरस की वजह से 40 दिन तक चीन के मुर्दाघर में पड़ा रहा मां का शव, मशक्कत के बाद मिली बेटे को डेड बॉडी
मुंबई। 24 जनवरी को मुंबई की एक महिला की मौत हो गई थी। 40 दिन बाद उनका शव मंगलवार को उनके गृहनगर मुंबई पहुंच सका है। यह महिला मेलबर्न-बीजिंग-मुंबई फ्लाइट में सवार थी और अचानक ही उनका निधन हो गया था। कोरोना वायरस की वजह से कई जगह लगे प्रतिबंधों की वजह से इनका शव बीजिंग एयरपोर्ट पर भी पड़ा था। आपको बता दें कि चीन में दिसंबर माह में सामने आए कोरोना वायरस की वजह से अब तक तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है। 60 देशों में इस वायरस का संक्रमण फैला हुआ है।

बुधवार रात नौ बजे हो सका अंतिम संस्कार
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के हवाले से बीजेपी के महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष कीरीट सोमैया ने बताया कि भारत के राजदूत अरविंद कुमार ने जानकारी दी है कि रीता राजिंदर मेहरा का शव बाबाओशान क्रिया घर की तरफ से बीजिंग एयरपोर्ट पर कार्गो एजेंट को सौंप दिया गया है। उनका शव एतिहाद की फ्लाइट ईवाई-889 से बीजिंग से अबु धाबी और फिर ईवाई-208 से मुंबई के लिए रवाना हुआ। बुधवार दोपहर को उनका शव मुंबई पहुंचा। परिवार ने बुधवार रात करीब नौ बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया। सांताक्रूज क्रिया घर में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

टॉयलेट में महिला हो गई थी बेहोश
रीता राजिंदर मेहरा के बेटे डॉक्टर पुनीत मेहरा एक डेंटिस्ट हैं और बांद्रा में उनका क्लीनिक है। उन्होंने बताया कि उनकी मांग एयर चाइना की फ्लाइट में थी और वह भी उनके साथ थे। फ्लाइट करीब नौ घंटे लेट थी। मां टॉयलेट गई थीं लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी थीं। इसके बाद फ्लाइट क्रू अलर्ट हुआ। टॉयलेट का दरवाजा खुला हुआ था और उनकी मां बेहोशी की हालत में टॉयलेट सीट पर पड़ी थी। कई कोशिशें की गईं कि वह होश में आ जाएं मगर सारी नाकाम रहीं।

कई दिनों तक मुर्दाघर में पड़ा रहा शव
एयरक्राफ्ट को झेंगझोऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। लेकिन तब वह दम तोड़ चुकी थीं। उनके बेटे पुनीत सात फरवरी को देश लौटे आए थे। उनकी मां के शव को झेंगझोऊ अस्पताल के मुर्दाघर में ही रोक लिया गया था। चीन में कोरोना वायरस को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए थे। इस वजह से शव कई दिनों तक वहीं पड़ा रहा। पुनीत ने कई प्रयास किए कि मां के शव को मुंबई लाकर उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।

500 किमी से ज्यादा की दूरी
झेंगझोऊ, वुहान से 500 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है। 40 दिनों तक परिवार इंतजार कर रहा था कि मां का शव किसी तरह से देश आ जाए। आखिरकार बुधवार को शव आया और फिर रात में उसका अंतिम संस्कार किया जा सका।












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