पश्चिम बंगाल: आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज की COVID-19 से नहीं हुई मौत, अधिकारियों का बयान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मधुमेह के मरीज की मौत हो गई। वह सऊदी अरब से लौटा था और उसे कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन की तरफ से बताया गया कि जनारुल हक की जांच रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी मौत कोरोना वायरस के संक्रमण से नहीं हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जनारुल की मौत अन्य कारणों से हुई है। वह सऊदी अरब से घर लौटा था और पिछले- तीन-चार दिनों से इंसुलिन लेने के पैसे नहीं थे, जबकि उसको सर्दी-बुखार और जुकाम भी था। शनिवार को जनारुल को मुर्शिदाबाद जिले के अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।
इसके पहले, डॉक्टरों ने कहा था कि वे जनारुल हक की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस से जनारुल हक के मरने की संभावना बहुत कम है। वहीं, अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश के मुताबिक, जनारुल हक के अंतिम संस्कार के दौरान भी सावधानी बरती जाएगी। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। देश में अभी तक कोरोना वायरस के 40 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।
रविवार को कोरोना वायरस के 5 और मामले सामने आए हैं, जिसके बाद देश में अब कोरोना वायरस के 40 मामले हो गए हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में कोरोना वायरस के 5 नए मामलों की पुष्टि की। पांचों मरीजों का सैंपल टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। उन्हें पथानामथिट्टा के अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। वहीं, कोरोना वायरस की वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 17 मार्च को बांग्लादेश का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया है।












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