Coronavirus: लॉकडाउन के बावजूद लापरवाही कर रहे लोग, नहीं संभले तो हो सकते हैं बुरे परिणाम
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा हो रहा है। देश में इस वायरस के कारण अभी तक 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 390 लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश के 82 जिलों को लॉकडाउन करने के फैसले के बाद कई राज्यों ने भी 31 मार्च तक लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। वहीं, लॉकडाउन के बावजूद अधिकांश हिस्सों में जनजीवन सामान्य रहा। दुकानें और प्रतिष्ठान खुले रहे, लोग सड़कों पर दिखे।

लॉकडाउन वाले जिलों में कई जगह पर सिगरेट बेचने वाली छोटी दुकानें खुली हुई हैं। इनका कहना है कि लॉकडाउन को लेकर दुकानें बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान सुबह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा था लेकिन कोरोना कमांडोज का आभार जताने के लिए ताली-थाली बजाने की पीएम मोदी की अपील के बाद कई इलाकों में लोग सड़कों पर निकल आए और जुलूस तक निकालने लगे।

हालांकि, अधिकांश इलाकों में लोग छतों और बालकनी से ही कोरोना कमांडोज का आभार व्यक्त करते नजर आए।कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत को देखते हुए लोगों का इस तरीके से सड़कों पर निकलना खतरे को दावत देने जैसा है। एक बार में परिवार का एक शख्स ही घर से निकलकर जरूरी सामान खरीदे, ताकि संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिले।

लेकिन कई इलाकों में बड़ी तादात में लोग सड़कों पर दिखाई दिए जो कि बड़ी लापरवाही दर्शाता है। ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिसमें हवाला दिया गया है कि इटली के लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को कम करके आंका, आज कोरोना वायरस से सबसे अधिक मौतें इटली में हुई हैं।
लॉकडाउन को लेकर सरकार के आदेश में कहा गया है कि किराने की दुकानों, बेकरी, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और आवश्यक सेवा प्रदान करने वाले अन्य प्रतिष्ठान लॉकडाउन की अवधि के दौरान खुले रखेंगे। इस दौरान लोगों को अनावश्यक घूमने या बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।

किसी भी तरीके की जनसभा आयोजित करने की इजाजत नहीं है, कई जिलों में धारा 144 लागू है। भीड़-भाड़ को देखते हुए ही रेलवे ने मालगाड़ियों के अलावा सभी यात्री ट्रेनों को 31 मार्च तक रद्द कर दिया है। संक्रमण फैसले की आशंका को देखते हुए मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं।












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