Coronavirus: उन 3 मरीजों के बारे में जानिए, जिन्हें SMS Jaipur के डॉक्टरों ने किया पूरी तरह ठीक
जयपुर में डॉक्टरों ने कैसे ठीक किए coronavirus के तीन मरीज, कौन सी दवाइयों का किया इस्तेमाल, जानिए...
नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में दहशत मचाने के बाद जानलेवा कोरोना वायरस अब हमारे देश में भी तेजी से अपने पैर जमा रहा है। देश में कोरोना वायरस के अभी तक कुल 129 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें पहली मौत कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी मौत महाराष्ट्र के मुंबई में हुई है। सरकार इस वायरस को लेकर लगातार लोगों को एडवाइजरी जारी कर बता रही है कि कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका सावधानी बरतना है। इस बीच एक राहत की खबर ये है कि राजस्थान के जयपुर में पॉजिटिव पाए गए तीन मरीज अब पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।

कौन हैं वो तीन मरीज
टाइम्स नाऊ की खबर के मुताबिक, राजस्थान में जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित चार लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से तीन मरीज 16 मार्च को ठीक हो गए। ठीक होने वाले तीन मरीजों में इटली के एक 69 वर्षीय नागरिक, दूसरी उनकी 70 वर्षीय पत्नी और तीसरे जयपुर के ही 85 वर्षीय एक स्थानीय निवासी हैं। इलाज के बाद इन तीनों मरीजों का दो बार टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट दोनों बार नेगेटिव आई। हालांकि, तीनों मरीजों को अभी छुट्टी नहीं दी गई है। दोनों पुरुष मरीजों को अभी अस्पताल में ही रखा गया है, जबकि महिला मरीज को राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस में भेज दिया गया है।

कोरोना वायरस के चौथे मरीज का इलाज जारी
वहीं, कोरोना वायरस से संक्रमित चौथे मरीज का फिलहाल अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। चौथा मरीज 24 वर्षीय स्पेन का नागरिक है। सवाई मान सिंह अस्पताल में कोरोना वायरस के तीन मरीजों के ठीक होने की खबर पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अस्पताल के डॉक्टरों को बधाई दी है। इसके साथ ही सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए लोगों को सार्वजनिक स्थानों और बड़े सामाजिक समारोहों से बचने की भी सलाह दी है।

इलाज के लिए डॉक्टरों ने कौन सी दवाएं दी
बताया जा रहा है कि सवाई मान सिंह अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने मलेरिया, एचआईवी और स्वाइल फ्लू की दवाइयों के कॉम्बिनेशन से इन मरीजों को ठीक किया। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रोहित कुमार सिंह ने बताया कि इन मरीजों को Lopinavir 200mg और Ritonavir 50mg की डोज दिन में दो बार दी गई थी। इसके अलावा मरीजों को ओसेल्टामिविर और क्लोरोक्वीन भी दी गई थी। रोहित कुमार सिंह के मुताबिक ये दवाई पहले इंफ्लुएंजा के इलाज में दी जाती थी, लेकिन बाद में इसे मलेरिया के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा।

अभी तक नहीं बनी कोरोना वायरस की कोई दवा
गौरतलब है कि Lopinavir और Ritonavir एचआईवी के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं हैं। हाल में एक खबर सामने आई थी, जिसमें बताया गया था कि साउथ कोरिया के एक 54 वर्षीय व्यक्ति के वायरल लोड को इन दो दवाओं के जरिए कम किया गया था। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी हाल ही में कहा था कि इन दवाओं को कुछ दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर कोरोना वायरस से ठीक होने में मदद मिल सकती है। आपको बता दें कि अभी तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की कोई दवाई नहीं बनी है।












Click it and Unblock the Notifications