Coronavirus: पीएम मोदी ने बनाया नॉर्थ ब्लॉक में वॉर रूम, जानिए कैसे काम कर रहे हैं गृह मंत्री शाह और बाकी अधिकारी
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी दिन पर दिन बड़ी चुनौती में तब्दील होती जा रही है। कभी जनता कर्फ्यू तो कभी लॉकडाउन का ऐलान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी एक टीम इस चुनौती से कैसे निबटा जाए, रोज इसकी रणनीति पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने वायरस से जंग के लिए एक ऐसा वॉर रूम बनाया जहां पर 12 घंटे तक की शिफ्ट में काम हो रहा है। वेबसाइट द प्रिंट की एक रिपोर्ट में इस बात की खास जानकारी दी गई है कि कैसे मोदी सरकार देश के सामने आई इस चुनौती से निबटने के लिए रोज तैयारियां कर रही है।
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50 फोन लाइन और 12 घंटे काम
50 फोन लाइन, कई स्क्रीन, ब्यूरोक्रेट्स के लिए 10 घंटे की शिफ्ट और राज्यमंत्रियों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट। मंत्री अपने ऑफिसेज में ही सो रहे हैं और इस तरह से नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय कोविड-19 के युद्ध के लड़ रह है। गृह मंत्रालय चार कंट्रोल रूम के जरिए राज्यों के साथ को-ऑर्डिनेट कर रहा है और दुनियाभर में कोरोना के संक्रमण मामलों पर नजर भी रख रहा है। नॉर्थ ब्लॉक स्थित अमित शाह का ऑफिस पीएम मोदी का वॉर रूम बन गया है। वेबसाइट ने सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया है कि चार कंट्रोल रूम जो नॉर्थ ब्लॉक में है, वहां पर कोरोना वायरस से जुड़ी हर जानकारी पर नजर रखी जा रही है। गृह मंत्री वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और सभी मंत्रियों समेत अपने अधिकारियों को हर पल निर्देश दे रहे हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही मीटिंग
शाह रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर अधिकारियों से मीटिंग कर रहे हैं। मगर उनकी पूरी टीम जिसमें राज्य मंत्री जी कृष्ण रेड्डी और नित्यानंद राय शामिल हैं, उन्हें नॉर्थ ब्लॉक में तैनात किया गया है। ये मंत्री यहां पर रात भी काम करते हैं। एक और सूत्र की तरफ से वेबसाइट को जानकारी दी गई है कि रेड्डी और नित्यानंद राय आजकल 12 घंटे तक की शिफ्ट में काम कर रहे है। दोनों अपने ऑफिसेज में ही सो रहे हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक रोटेशन के तहत कभी राय ऑफिस में सोते हैं तो कभी रेड्डी यहां पर सोते हैं। मंत्रियों के अलावा ज्वॉइन्ट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी भी आठ घंटे के रोस्टर के मुताबिक काम कर रहे है।

दो टीमों के पास बड़ी जिम्मेदारियां
कोविड-19 से लड़ाई के दो टीमें बनाई गई हैं। एक टीम के पास जिम्मा है कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्यों के स्वास्थ्य विभाग से सारे आंकड़े लेना है। दूसरी टीम की जिम्मेदारी है कि वही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाले सवालों का जवाब दे। यह टीम पाई-चार्ट्स, ग्राफ और टाइमलाइन के जरिए आंकड़ों को देखती है। ये पाई चार्ट, ग्राफ और टाइमलाइन दुनिया के अलग-अलग देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण की जानकारी देने वाले होते हैं। साथ ही इसमें भारत की स्थिति का भी जिक्र होता है।

राज्यों से आते हैं कई सवाल
टीम के पास हर प्रकार का डाटा होता है जैसे के महामारी के पहले हफ्ते में भारत में कितने मरीजे थे और कितनी मौतें हुई थीं और दुनिया के बाकी देश जैसे अमेरिका, इटली और स्पेन में क्या हालात थे। जो टीम राज्यों के साथ सहयोग करती है उसके पास कई राज्यों से उनके मुद्दों को लेकर कॉल्स आती हैं। राज्यों पर आधारित कई मुद्दों को सुलझाया जाता है। कई राज्यों की तरफ से लॉकडाउन लागू करने की प्रक्रिया के बारे में भी पूछा गया। कुछ ने हेल्थकेयर सिस्टम को लेकर भी साल किए। सभी मंत्रालय एक छत के नीचे काम कर रहे हैं।












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