बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक कोरोना की दूसरी लहर, 8 महीने के बच्चे हो रहे हैं भर्ती, सूरत में नवजात की मौत

बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक कोरोना की दूसरी लहर, 8 महीने के बच्चे हो रहे हैं भर्ती, सूरत में नवजात की मौत

नई दिल्ली, 15 अप्रैल: कोरोना वायरस की दूसरी लहर में क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, हर उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। कोविड-19 की मौजूदा लहर किसी को भी नहीं बख्श रही है। दिल्ली के अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि उनके यहां 8 महीने से लेकर 12 साल तक के बच्चे भर्ती हो रहे हैं, जिनको कोरोना वायरस है। बच्चों में बुखार और निमोनिया जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वहीं गुजरात में कोरोना से होने वाली कुल मौतों में 15 फीसदी मौतें युवा मरीजों की है। गुजरात के सूरत में एक 14 दिन के बच्चे की कोरोना से मौत हो गई है। हरियाणा में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों में से 8 फीसदी संक्रमण के केस बच्चों के हैं। जबकि पिछली लहर में ये आंकड़ा महज एक फीसदी था। इससे पहले, यह माना जाता था कि बच्चों को कोविड-19 ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। बच्चों में कोरोना के हल्के और दुर्लभ लक्षण ही दिखाई दे रहे थे। लेकिन अब बच्चों को ज्यादा सावधान रहने की नसीहत दी जा रही है।

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    बच्चों में बढ़ते कोरोना मामलों पर क्या बोले डॉक्टर

    टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक दिल्ली के लोक नायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा है, ''हमारे पास वर्तमान में कोविड-19 के गंभीर लक्षणों के साथ 8 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। उनमें से एक बच्चा तो सिर्फ 8 महीने का है। बाकी सारे भी 12 वर्ष से कम आयु के हैं। उन्हें तेज बुखार, निमोनिया, डिहाईड्रेशन और स्वाद में कमी के लक्षण हैं।''

    सर गंगा राम अस्पताल में भी डॉक्टरों ने कहा है कि कुछ बच्चों को कोविड -19 के कारण भर्ती होना पड़ रहा है। इसके अलावा अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेन गुप्ता ने कहा कि उन्हें बीमारी से प्रभावित बच्चों के परिवारों से हर दिन लगभग 20-30 फोन कॉल आते हैं।

    कोरोना पीड़ित बच्चों का इलाज करना चुनौतीपूर्ण

    गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के बाल रोग विभाग के निदेशक और प्रमुख डॉ. कृष्ण चुघ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित बच्चों का इलाज वयस्कों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा,'' कोरोना से पीड़ित बच्चों के लिए कोई अलग से बेबी वार्ड नहीं बने हुए हैं...क्योंकि पिछले साल छोटे बच्चों के कोरोना के इतने मामले सामने नहीं आए थे। इनका इलाज करना भी मुश्किल है। जैसे रेमेडिसविर या स्टेरॉयड जैसी एंटी वायरल दवाई का उनपर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।''

    सूरत में 14 दिन के बच्चे की हुई कोरोना से मौत

    गुजरात के सूरत में कोरोना तेजी से फैल रहा है। सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में एक 14 दिन के बच्चे की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो गई है। बच्चे की मौत की वजह मल्टीपल ऑर्गन का फेल होना बताया जा रहा है। वहीं सूरत के ही एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल में एक 14 दिन बच्ची कोरोना संक्रमित पाई गई है और वो वेटिंलेटर पर है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

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