भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए 'डेल्टा' वेरिएंट जिम्मेदार, एक्सपर्ट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
नई दिल्ली, जून 4। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के द्वारा की गई एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के लिए वायरस का डेल्टा वैरिएंट जिम्मेदार है। शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना वायरस का ये वेरिएंट पहली लहर के अल्फा वेरिएंट से भी ज्यादा घातक और संक्रामक है। ये वेरिएंट ब्रिटेन में सबसे पहले पाया गया था। आपको बता दें कि स्टडी में इस वेरिएंट को बहुत खतरनाक माना गया है। कोरोना की दूसरी लहर में इस वेरिएंट के 12200 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। स्टडी के मुताबिक, डेल्टा (बी.1.617.2) अल्फा (बी.1.1.7) की तुलना में 50% तेजी से फैलता है। स्टडी में सामने आया है कि इस वैरिएंट से संक्रमित होने की संभावनाएं ज्यादा हैं।
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इन राज्यों में सबसे अधिक था डेल्टा वेरिएंट का संक्रमण
स्टडी के मुताबिक, डेल्टा वेरिएंट का कहर अभी भी जारी है। हालांकि अल्फा वेरिएंट की अभी उपस्थिति नहीं है। डेल्टा वेरिएंट सभी राज्यों में मौजूद है, लेकिन दिल्ली, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना में इसका संक्रमण सबसे अधिक है। आपको बता दें कि ये राज्य दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
अल्फा वेरिएंट पर दिखा वैक्सीन का असर
आपको बता दें कि स्टडी में ये बात भी सामने आई है कि अल्फा वेरिएंट पर वैक्सीन का असर अधिक दिखा है। स्टडी के मुताबिक, जिसने वैक्सीन लगवाई वो दोबारा अल्फा वेरिएंट से संक्रमित नहीं हुआ। दूसरी लहर में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने सभी वैरिएंट को पीछे छोड़ दिया है। भारत में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट सबसे प्रमुख वैरिएंट है।
देश के अंदर 24 घंटे में आए कोरोना के नए मामले
इस स्टडी के बीच देश में कोरोना के मामलों में कमी का सिलसिला भी जारी है। गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के अंदर देश में 1 लाख 32 हजार 364 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 2713 मरीजों की मौत हो गई है। संक्रमण दर में गिरावट हुई है। अब संक्रमण दर 6.37 फीसदी है।












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