खौफनाक: दिल्ली में कोरोना से होती मौतों के चलते कब्रिस्तान में शवों को दफनाने की जगह नहीं
नई दिल्ली। कोरोना एक बार फिर दिल्ली में कहर बरपाने को तैयार है। इस खतरनाक वायरस से होने वाली मौतों में तेजी से इजाफा हो रहा है। दिल्ली में हालात इस कदर बेकाबू हैं कि यहां के श्मशानों और कब्रिस्तानों में लाशों जलाने और दफनाने की जगह नहीं है। जहां कहीं है भी वहां 4 से 5 घंटे की वेटिंग मिल रही है। दिल्ली का सबसे बड़ा कब्रिस्तान आईटीओ के पास है। बात अगर इस कब्रिस्तान की करें तो अब यहां शव को दफनाने की जगह नहीं है।
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कब्रिस्तान कबीरन अहले इस्लाम के सचिव हाजी फैयाजुद्दीन ने कहा कि यहां अधिक से अधिक 70 लोगों के शव दफन करने लायक ही जगह बची है। उन्होंने कहा कि इस कब्रिस्तान में करीब 10 बीघे के एरिया में कोरोना से हुई मौत पर दफन करने के लिए कब्रें हैं। वैसे तो ये कब्रिस्तान 45 एकड़ में फैला है लेकिन अधिकतर हिस्सा पथरीला होने की वजह से बतौर कब्र इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। लिहाजा कोरोना के कारण मौतों का सिलसिला अगर ऐसे ही बढ़ता रहा तो मैयत के लिए कब्र उपलब्ध करा पाना नामुमकिन होगा।
रोज कोरोना से मरने वालों के 5 या उससे अधिक शव आ रहे
हाजी फैयाजुद्दीन ने बताया कि जिस संख्या से कोरोना से मरे लोगों की लाशें आ रही हैं आने वाले समय में सामान्य लाशों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना पीडि़तों के रोजाना लगभग 5 या उससे अधिक शव आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर में 57, अक्टूबर में 67 शवों को यहां दफनाया गया। लेकिन बात अगर कोरोना की शुरुआत से करें तो यहां अबतक 700 कोरोना शव दफनाए जा चुके हैं।
24 घंटे में 98 की मौत
दिल्ली में कोरोना के कारण पिछले 24 घंटे में 98 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। अब तक 8000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, एक्टिव केस 42458 है। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की तादाद पांच लाख के पार पहुंच चुकी है। कंटेंनमेंट जोन की तादाद भी 4444 पहुंच चुकी है। दिल्ली में महज 10 दिन में ही कोरोना के करीब 60 हजार नए मामले सामने आए हैं। 9 नवंबर से 18 नवंबर के बीच कोरोना के 59532 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि, अब तक साढ़े 4 लाख लोगों ने कोरोना को मात भी दी है। कोरोना की संक्रमण दर 12.03 फीसदी और रिकवरी दर 89.98 फीसदी है। डेथ रेट 1.58 फीसदी है।












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