कोरोना वायरस को आइसोलेट करने वाला पांचवां देश बना भारत, टीका बनाने में मिलेगी बड़ी मदद
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते खतरे के बीच भारत ने इस वायरस के स्ट्रेन को आइसोलेट करने में सफलता हासिल की है। इससे कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे इंसान के शरीर के बाहर भी दवा का परीक्षण किया जा सकेगा। भारत ऐसा पांचवां देश बना है, जिसे कोविड-19 के वायरस को आइसोलेट करने में सफलता मिली है।

पुणे के वैज्ञानिको को मिली सफलता
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बताया कि पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (एनआईवी) के वैज्ञानिकों को यह सफलता मिली है। वायरस के स्ट्रेन को अलग करने से इसकी जांच के लिए किट बनाने, दवा का पता लगाने और टीके तैयार करने के लिए रिसर्च में काफी मदद मिल सकेगी। भारत से पहले तक अमेरिका, जापान, थाईलैंड और चीन ही ऐसे देश हैं, जिन्हें ये कामयाबी मिली है। भारत कोरोना को आइसोलेट करने वाला पांचवां देश है।

विशेषज्ञों ने बताया क्यों अहम है ये कामयाबी
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के रमन गंगाखेड़कर ने बताया है कि वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस का पूरा सैंपल मानव शरीर के बाहर रखने में सफलता मिली है। इससे इस वायरस की दवा बनाना और उसकी टेस्टिंग करना आसान होगा, क्योंकि हर दवा की टेस्टिंग के लिए उस विषाणु की जरूरत होती है, जिसके खिलाफ दवा बनाई जाती है। बता दें कि अभी तक कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए कोई टीका नहीं है और ना ही संक्रमित व्यक्ति के लिए दवाई है।

भारत में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 147 हुई
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 147 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के 10 नए मामले सामने आने के बाद इस घातक विषाणु से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 147 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन मामलों में दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले तीन लोग और 25 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आए 5,700 से ज्यादा लोग भी निगरानी में हैं। वहीं दुनियाभर में कोरोना के मरीजों की संख्या 2 लाख के करीब जा चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications