कोरोना वैक्सीन के ट्रायल का पटना एम्स में पूरा हुआ 1 महीना, डाक्टरों ने दी ये खुशखबरी
कोरोना वैक्सीन के ट्रायल का पटना एम्स में पूरा हुआ 1 महीना, डाक्टरों ने दी खुशखबरी
पटना। देश में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में कोविड 19 के 57,982 नए केस सामने आए हैं और 941 लोगों की मौत हो गई है। लेकिन इसी बीच पटना एम्स के चिकित्सकों ने कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है।

वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ
बता दें भारत में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आईसीएमआर की देखरेख में भारत बायोटेक ने कोरोना की वैक्सीन विकसित की। जिसका ट्रायल बिहार की राजधानी पटना स्थित एम्स में शुरु किया गया था। पटना एम्स में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हुए अब एक महीना पूरा हो चुका हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि पहले चरण में जिन लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल हुआ है वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। यानी कि उन पर इस वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है।

वैक्सीन लोगों के लिए सुरक्षित है लेकिन...
इस परिणाम के बाद डाक्टरों का कहना है पहले चरण के फस्ट ट्रायल में ये पता चल चुका है कि ये वैक्सीन लोगों के लिए सुरक्षित है लेकिन यह वैक्सीन कोरोनावायरस से लड़ने में कितनी असरदार होगी इसका विश्लेषण किया जा रहा है। इसका विश्लेशण के बाद ही पता चलेगा। पटना एम्स में पहले डोज के बाद एंटीबॉडी जांच के लिए आईसीएमआर भेजा गया है।

इसके बाद किया जाएगा ये विश्लेषण
गौरतलब है कि देश भर में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल 7 जुलाई से आरंभ हुआ। पिछली 15 जुलाई को पटना एम्स में इसका ट्रायल आरंभ हुआ था। देश भर में इस वैक्सीन का ट्रायल लगभग 375 लोगों पर किया जा रहा है। जिसमें पटना एम्स के 46 लोग भी शामिल हैं। देशभर के अस्पतालों के अलावा पटना एम्स में जिन लोगों पर ट्रायल हो रहा है उसका पहला चरण अगस्त महीने के अंत में पूरा होगा। ट्रायल वैक्सीन की पहली डोज देने के 14 दिन बाद दूसरी डोज 44 लोगों को दी गयी । पहला चरण अगस्त महीने के अंत में पूरा होगा। इसके बाद ही 375 लोगों पर ट्रायल किए गए वैक्सीन का विश्लेषण किया जाएगा।

विश्लेषण के बाद शुरु होगा वैक्सीन के दूसरे चरण का ट्रायल
375 लोगों पर ट्रायल किए गए वैक्सीन का विश्लेषण में ये वैक्सीन कोरोना वायरस पर कितना असरदार है इसकी जानकारी ली जाएगी। विश्लेषण में पता लगाया जाएगा कि कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर में कितनी एंटीबॉडी बन रही है? जो एंटीबॉडी बनी है वो बरकरार है या नहीं। इन सभी तथ्यों की जानकारी मिलने और संतोषपरक रिपोर्ट आने पर ही दूसरे चरण का ट्रायल लोगों पर शुरू होगा।

दिसंबर अंत तक लांच हो सकती है वैक्सीन
दूसरा चरण का ट्रायल समाप्त होने के बाद उसके परिणाम का भी विश्लेषण किया जाएगा। आईसीएमआर अगर तीसरे चरण की आवश्यकता समझेगा तो तीसरा चरण भी ट्रायल हो सकता है लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वैक्सीन के ट्रायल का दो चरण पूरा होने के बाद ही वैक्सीन लांच करने की योजना है। इस आधार पर उम्मीद की जा रही है वैक्सीन 2020 दिसंबर के अंत तक या अगले साल जनवरी 2021 में उपलब्ध हो जाएगी।

वैक्सीन कितनी असरदार है इसकी रिपोर्ट आनी है बाकी
पटना एम्स समेत देश के 13 संस्थानों में जुलाई से ही वैक्सीन का ट्रायल शुरू हुआ था। पटना एम्स इसके लिए अलग-अलग डॉक्टरों की टीम गठित की गई थी। 18 से 55 वर्ष के लोगों को ट्रायल के लिए आमंत्रित किया गया था। जिन्हें वैक्सीन दी गई थी, वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। पटना एम्स के अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि वैक्सीन ट्रायल के पहले चरण के विश्लेषण रिपोर्ट का इंतजार है। अभी तक वैक्सीन सुरक्षित पायी गयी है। यह वैक्सीन कितनी असरदार है? इसकी रिपोर्ट आना बाकी है।

देश में पिछले 24 घंटों में 57,584 कोविड-19 रोगी ठीक हुए
फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना मामलों की संख्या बढ़कर 26,47,664 पर पहुंच गई है। इसमें 6,76,900 सक्रिय मामले हैं और 50,921 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 19,19,843 लोग ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, 'देश में पिछले 24 घंटों में 57,584 कोविड-19 रोगी ठीक हुए हैं। ये ठीक हो गए हैं या अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। मरीजों के ठीक होने की संख्या 20 लाख के करीब पहुंचने वाली है। अभी तक 19,19,842 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान समय में कोविड से ठीक होने वालों की दर 72 प्रतिशत को पार हो चुकी है।












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