कोरोना वायरस ने हमसे छीन लिए ये 12 बड़े नेता, पूर्व राष्ट्रपति और एक केंद्रीय मंत्री भी शामिल
नई दिल्ली। भारत में कोविड-19 के मामले 57 लाख के पार हो गए हैं, वहीं 46 लाख से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार आज पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 86,508 नए मामले सामने आए हैं। खतरनाक कोविड-19 संक्रमण मानव जीवन पर गहरा असर डाल रहा है और यह किसी को भी नहीं बख्श रहा है। आम आदमी भी नहीं बल्कि वीवीआईपी भी इसकी चपेट में हैं। खतरनाक कोरोना वायपस अब तक एक पूर्व राष्ट्रपति, एक केंद्रीय मंत्री, 4 सांसद और छह विधायकों की जान ले चुका है। विधायकों में राज्यमंत्री भी शामिल थे।

कोरोना वायरस मरने वाले लोगों में सबसे बड़ा नाम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का है
भारत में कोरोना वायरस मरने वाले लोगों में सबसे बड़ा नाम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का है। वह सेना के आर एंड आर अस्पताल में मस्तिष्क की सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे, लेकिन वायरस से संक्रमित होने के कारण उनकी हालत दिन पर दिन बिगड़ती गई। कई दिनों वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनका निधन हो गया था। इस वायरस से मरने वाले में दूसरा बड़ा नाम रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का है। उनका दिल्ली के एम्स में बुधवार की रात को दु:खद निधन हो गया। कर्नाटक के बेलगाम से लोकसभा सदस्य चुने गए 65 वर्षीय अंगड़ी 11 सितम्बर को कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे। संक्रमण के बाद तुरंत उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली।

भाजपा के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य अशोक गस्ती की कोरोना से मौत
खतरनाक कोरोना वायरस के कारण मरने वाले सांसदों में से भाजपा के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य अशोक गस्ती (55) भी थे। उनके गंभीर कोविड-19 निमोनिया से संक्रमित होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद उन्हें 2 सितंबर को ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने के कारण कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद गस्ती के वेंटिलेटर पर ही मौत हो गई।
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कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले पहले सांसद एच. वसंत कुमार
वहीं तमिलनाडु में कन्याकुमारी से कांग्रेस सांसद, एच. वसंत कुमार (70) कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले पहले सांसद थे। उन्होंने चेन्नई के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष की मृत्यु के बाद अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा कि सांसद को गंभीर कोविड निमोनिया था और उनका इलाज क्रिटिकल केयर यूनिट में हो रहा था। इसके बाद तिरुपति के 64 वर्षीय लोकसभा सांसद बल्ली दुर्गा प्रसाद राव का चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे कोविड-19 से संक्रमित थे। वाईएसआरसीपी नेता नेल्लोर के गुडूर से चार बार विधायक भी रह चुके थे। उन्होंने मात्र 28 साल की उम्र में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। राव वायरस के कारण दम तोड़ने वाले दूसरे सांसद थे।

कोरोना से मरने वाली यूपी की पहली मंत्री हैं कमल रानी वरुण
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह सितंबर है और महामारी के खत्म होने में अभी लंबा समय लगेगा। लेकिन भारत ने पहले ही करीब छह विधायकों को वायरस के कारण खो दिया है। उत्तर प्रदेश में, वायरस के कारण एक ही महीने में दो मंत्रियों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला मंत्री व उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया था, उनके बाद पूर्व क्रिकेटर और सैनिक कल्याण और नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी।

कोरोना से टीएमसी के दो विधायकों का निधन
मध्य प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, विधायक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। 15 सिंतबर तक राज्य में 40 विधायक कोरोना से संक्रमित थे, जिनमें से एक का निधन भी हो गया है मध्य प्रदेश में राजगढ़ के बियोरा से कांग्रेस के विधायक गोवर्धन डांगी का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 15 सितंबर को कोविड-19 के कारण निधन हो गया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के कारण दो विधायकों की मौत हो चुकी है। पूर्वी मिदनापुर के एगरा से तृणमूल विधायक समरेश दास और दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र से उनके ही पार्टी के सहयोगी एमएलए तमोनाश घोष का कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण निधन हो गया।

कोरोना संक्रमण से मरने वाले पहले विधायक थे अंबाजगन
अगर बात दक्षिण भारत के राज्यों की करें तो तमिलनाडु देश का पहला राज्य था जहां सबसे पहले कोरोना संक्रमण से किसी विधायक की मौत हुई थी। डीएमके के चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक जे अंबाजगन की जून महीने में कोरोना वायरस से मौत हो गई थी। संक्रमण के कारण जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें 3 जून को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। उनकी हृदय और पुरानी किडनी संबंधी बीमारियों से उनकी स्थिति गंभीर हो गई। कुछ पूर्व सांसदों की भी कोविड-19 से मृत्यु हो गई। लेह के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. नांग्याल (83) का जून में लेह के एसएनएम अस्पताल में वायरस के कारण निधन हो गया। वह लद्दाख से तीन बार सांसद थे।

कोरोना से कई पूर्व सांसदों का भी हो चुका है निधन
उसी महीने महाराष्ट्र के पूर्व सांसद हरिभाऊ जवाले का भी कोविड-19 के कारण निधन हो गया। दो बार विधायक रह चुके जवाले महाराष्ट्र में कोरोनावायरस के कारण जान गवांने वाले पहले वरिष्ठ राजनेता थे। वहीं पंढरपुर से पांच बार के विधायक सुधारक पारीचारक का अगस्त में पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। दिग्गज सीपीआई-एम नेता श्यामल चक्रवर्ती का भी कोविड पॉजिटिव होने के कुछ ही दिनों बाद निधन हो गया था। 76 वर्षीय नेता ने बंगाल में वाम मोर्चा सरकार में पश्चिम बंगाल परिवहन मंत्री के रूप में कार्य किया था। वहीं यूपी में मछलीशहर के पूर्व सांसद और सपा नेता चंद्रनाथ सिंह उर्फ सीएन सिंह की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। रामपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी रहे राजेंद्र कुमार शर्मा (82) की 22 अगस्त को कोरोना से मौत हो गई थी। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह को भी जून में कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ था। जिसके बाद उनका इस महीने निधन हो गया।

ये बड़े नेता हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
इसके अलावा गृह मंत्री अमति शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एंड राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, आप विधायक आतिशी मार्लेना और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व पीडब्ल्यू मंत्री अशोक चव्हाण भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।












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