Coromandel Mishap: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाई लेवल इन्क्वायरी का आदेश दिया
कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा मामले में रेल मंत्रालय ने हाई लेवल इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं। रेल मंत्री ने कहा कि हादसा क्यों हुआ, इसकी जड़ों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। वे खुद भी घटनास्थल पर जाकर जानकारी लेंगे।

ओडिशा के बालासोर में Coromandel Mishap के बाद रेल मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि बालासोर में ट्रेन नंबर 12841 कोरोमंडल एक्सप्रेस बेपटरी हो गई। इसके कुछ देर बाद एक और यात्री ट्रेन बेपटरी हुई बोगियों में टकराई। थोड़ी देर के बाद एक मालगाड़ी भी टकराई।
तीन ट्रेनों की भिड़ंत में 120 लोगों की मौत हो गई, जबकि 600 से अधिक जख्मी हैं। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों के अनुसार, हादसा इतना भयावह है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्री खुद घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से कहा, "मैंने यह पता लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच करने का आदेश दिया है कि यह दुर्घटना क्यों हुई... मूल कारण तक पहुंचना बेहद जरूरी है।"
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में कोरोमंडल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने पर जान गंवाने वाले लोगों को मुआवजे का ऐलान भी किया। मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। पीएम मोदी ने भी मुआवजे की घोषणा की है।
ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में तीन ट्रेनों के टकराने की पुष्टि रेलवे प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने की थी। उन्होंने बताया, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे, शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841) के 10-12 डिब्बे बालेश्वर के पास पटरी से उतर गए और बगल वाली ट्रैक पर गिर गए।
उन्होंने बताया, कुछ समय बाद, यशवंतपुर से हावड़ा जाने वाली एक और ट्रेन कोरोमंडल के बेपटरी डिब्बों से टकरा गई इस कारण यशवंतपुर हावड़ा एक्सप्रेस के भी 3-4 डिब्बे पटरी से उतर गए। बाद में एक मालगाड़ी भी दोनों यात्री ट्रेनों से टकराई।
हादसा कितना भयावह है इसका अंदाजा इस बात से होता है कि रेस्क्यू में लगाए गए 60 एंबुलेंस भी कम पड़ने लगे। भद्रक के विधायक, जिला प्रशासन, NDRF समेत कई रेस्क्यू एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।












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