छात्राओं के साथ शोषण करने का दोषी शिक्षक फिर से स्कूल में पढ़ाने के लिए लौटा
नई दिल्ली। मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित स्कूल में छात्रा के साथ शोषण का दोषी शिक्षक एक बार फिर से उसी स्कूल में पढ़ाएगा, जहां उसने छात्रा का शोषण किया था। गौर करने वाली बात है कि कोर्ट ने आरोपी शिक्षक को दो महीने पहले पॉस्को एक्ट के तहत छात्राओं को परेशान करने का दोषी करार दिया था, जिसके बाद एक बार फिर से यह शिक्षक उसी स्कूल में पढ़ाने के लिए वापस लौट आया है। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस मामले में अजीबो गरीब सफाई दी है।

तीन साल की सजा
स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वह इस मामले में शिक्षा विभाग के जवाब का इंतजार कर रहे थे कि क्या शिक्षक को वापस नौकरी पर रखना है या उसे हटा देना है। आरोपी शिक्षक जमानत पर जेल से बाहर है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से इस मसले पर कोई जवाब नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक गणित विषय का टीचर है और उसपर छात्रा के साथ यौन शोषण का आरोप था। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 13 अगस्त को शिक्षक को दोषी करार दिया था और तीन साल की सजा सुनाई थी। लेकिन आरोपी शिक्षक को उसी दिन जमानत मिल गई थी।
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प्रिंसिपल को नहीं यकीन
स्कूल प्रिंसिपल ने बताया कि जब मैं 18 अगस्त को स्कूल गई तो मैं शिक्षक को स्कूल में देखकर चौंक गई। जिसके बाद मैं पुलिस के पास सुरक्षा के लिए गई। आपको बता दें कि स्कूल के प्रिंसिपल ने इस मामले में मैनेजमेंट के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद पीड़ित छात्रा को इंसाफ मिला। लेकिन जिस तरह से एक बार फिर से आरोपी शिक्षक वापस स्कूल में पढ़ाने के लिए लौट आया है उसने स्कूल प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीएम से मांगा गया जवाब
स्कूल के प्रिंसिपल ने दोषी शिक्षक के खिलाफ फैसले की कॉपी को डेप्युटि डायरेक्टर ऑफ एजूकेशन को सौंपी है और साथ ही इस मामले में नेशनल कमिशन ऑफ चाइल्ड राइड से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। कमीशन ने इस मामले में का संज्ञान लेते हुए बांद्रा के डीएम और मुंबई के शिक्षा विभाग के डेप्युटि डायरेक्टर से जवाब मांगा है। अहम बात यह है कि स्कूल प्रशासन ने लड़की के समर्थन में खड़ी होने वाली प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त कर दिया था, लेकिन दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में स्कूल प्रशासन कानूनी दांवपेंज और लेबर लॉ का हवाला दे रहा है।
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