Constitution day : जानिए भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में ये खास बातें
नई दिल्ली। आज पूरा देश अपना 'संविधान दिवस' मना रहा है, इसकी शुरुआत 2015 से हुई क्योंकि ये वर्ष संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म के 125वें साल के रूप में मनाया गया था, गौरतलब है 14 अप्रैल को पूरा भारत संविधान के रचनाकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जंयति के रूप में मनाता है। उत्तम विधिवेत्ता, दलित राजनीतिक नेता और भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार अंबेडकर की गिनती विश्व के महान हस्तियों में होती है।
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अंबेडकर हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे...
- डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को एक गरीब दलित परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर था।
- भीमराव अंबेडकर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की 14वीं व अंतिम संतान थे।
- अंबेडकर हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो अछूत कहे जाते थे और उनके साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था।
- बाबा साहेब ने देश में बौद्ध आंदोलन को चलाया।

'डॉक्टर ऑफ साईंस'
- बाबासाहेब अंबेडकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
- अंबेडकर को भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की।
- उन्हें लंदन विश्वविद्यालय द्वारा 'डॉक्टर ऑफ साईंस' की उपाधि प्रदान की गई।

अंबेडकर पहले कानून मंत्री बने
- 1941 और 1945 के बीच में उन्होंने बड़ी संख्या में पुस्तकें और पर्चे प्रकाशित किये जिनमे 'थॉट्स ऑन पाकिस्तान' भी शामिल है, जिसमें उन्होने मुस्लिम लीग की मुसलमानों के लिए एक अलग देश पाकिस्तान की मांग की आलोचना की थी।
- 15 अगस्त 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार में अंबेडकर पहले कानून मंत्री बने।












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