JEE-NEET परीक्षा कराए जाने को लेकर केंद्र के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन संक्रमण के मामलों में रिकॉर्ड संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है। इस बीच केंद्र सरकार द्वारा नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) और जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) परीक्षा 2020 को कराए जाने का विरोध भी तेजी से बढ़ रहा है। राजनेताओं के साथ-साथ छात्र भी कोरोना वायरस के बीच परीक्षाओं के आयोजन को गलत मान रहे हैं। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी महामारी के बीच परीक्षा आयोजित करने का विरोध किया है और इसे लेकर वह 28 अगस्त को केंद्र के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन भी करेगी।
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कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा है, 'केंद्र सरकार के इस नासमझी और तानाशाहीपूर्ण कदम के विरोध में कांग्रेस शुक्रवार सुबह 11 बजे राज्य और जिलों में केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। हम सरकार के महामारी के बीच परीक्षा कराए जाने के फैसले का विरोध करेंगे। कोविड संकट के दौरान परीक्षा आयोजित करने से छात्रों को अत्यधिक मानसिक तनाव की स्थिति में डाला जा रहा है। असम और बिहार जैसे राज्यों में बाढ़ की स्थिति के बीच वहां के छात्रों को काफी परेशानी होगी।'

ममता बनर्जी बोलीं- हमें सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीट और जेईई परीक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि नीट-जेईई का परीक्षा होना अभी सुरक्षित नहीं है। अगर केंद्र सरकार इस पर नहीं सुनती है तो जेईई और नीट की परीक्षा को स्थगित करने के लिए हम (राज्य सरकारें) संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती हैं। बनर्जी ने कहा कि हमें छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए। अगर केंद्र कुछ नहीं कर रहा है तो हम लोग भी जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, हमें कोर्ट जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा- छात्र काफी चिंता में थे
वहीं शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने परीक्षा कराए जाने के केंद्र के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि छात्र और उनके माता-पिता खुद ये चाहतें हैं कि परीक्षा हो। निशंक ने डीडी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जेईई में बैठने वाले 80 फीसदी छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा, 'हम छात्रों और माता पिता के लगातार दबाव में हैं, वह पूछ रहे हैं कि जेईई और नीट की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। छात्र काफी चिंता में थे। अपने दिमाग में वह सोच रहे थे कि उन्हें और कितने समय तक पढ़ते रहना होगा?'

एनटीए ने कहा- तय समय पर होंगी परीक्षा
वहीं एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने स्पष्ट कर दिया है कि जेईई मेन 2020 परीक्षा अपने तय समय पर 1-6 सितंबर, 2020 के बीच आयोजित होगी। इसके साथ ही नीट-यूजी 2020 परीक्षा का आयोजन भी शेड्यूल के अनुसार, 13 सितंबर को होगा। अपने नोटिस में एनटीए ने कहा है कि बेशक ये महामारी का समय है लेकिन जीवन को रोका नहीं जा सकता है। छात्रों के करियर को लंबे समय तक के लिए जोखिम में नहीं डाला जा सकता और ना ही पूरे अकैडमिक ईयर को बर्बाद किया जा सकता है। इसलिए इन दोनों परीक्षा का आयोजन समय पर होगा। हालांकि वायरस से बचाव के लिए सभी उपायों का पालन होगा। परीक्षाओं को स्थगित नहीं किया जाएगा। आपको बता दें बहुत से छात्रों और उनके अभिभावकों की मांग है कि नीट और जेईई परीक्षा को स्थगित कर दिया जाए। इनका कहना है कि देश में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और परीक्षा के कारण इन्हें संक्रमित होने का भी खतरा है।












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