कांग्रेस दिलाएगी पाटीदारों को आरक्षण?
गुजरात में कांग्रेस ने पाटीदारों को आरक्षण दिलाने का वादा किया है. यह कहना है पाटीदारों के नेता हार्दिक पटेल का.
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बोलते हुए हार्दिक पटेल ने बताया कि कांग्रेस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अगर उनकी सरकार बनी तो पाटीदारों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने के लिए बिल लाया जाएगा.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने पटेल समुदाय और अनारक्षित वर्ग के लिए एससी, एसटी या ओबीसी समुदाय को मिले हुए 49 प्रतिशत आरक्षण में किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इस आधार पर अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो एसेम्बली के अंदर जल्द से जल्द आर्टिकल 31(सी) के आधार पर संवैधानिक आर्टिकल 46 के प्रावधानों के आधार पर वो बिल विधान सभा में पारित करेंगे. इस बिल में आर्टिकल 46 का उल्लेख किया जाएगा, और उसको 15(4) और 16(4) के नीचे जो भी ओबीसी समुदाय को आरक्षण का लाभ मिल रहा है वो लाभ इन अनारक्षित जातियों को दिया जाएगा."
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कांग्रेस से कोई टिकट नहीं मांगा
हार्दिक पटेल ने बताया कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से कोई टिकट नहीं मांगा या और किसी तरह का सौदा नहीं किया.
उन्होंने कहा, "हम कांग्रेस को खुले तौर पर समर्थन नहीं दे रहे हैं लेकिन हम भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ लड़ेंगे तो ये डायरेक्टली, इनडायरेक्टली कांग्रेस का समर्थन होगा. हमने कांग्रेस पार्टी से कोई टिकट नहीं मांगा, कोई सौदेबाज़ी नहीं की, बस इतना कहा कि अच्छा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए जो हमारी बात आगे बढ़ा सके."
सुप्रीम कोर्ट का साफ़ निर्देश है कि 49.5 प्रतिशत से ज़्यादा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए, इसके जवाब में हार्दिक ने कहा,
उन्होंने कहा, "संविधान में कहीं नहीं लिखा कि 50 फ़ीसदी से ज़्यादा आरक्षण नहीं दे सकते, देश के नौ राज्यों में 50 फ़ीसदी से ज़्यादा आरक्षण दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट सिर्फ़ सुझाव दे सकती है लेकिन 50 फ़ीसदी से ज़्यादा दिया जा सकता है."
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क्या वाक़ई आरक्षण दिला सकती है कांग्रेस
हमने संवैधानिक मामलों के जानकार सुभाष कश्यप से पूछा कि क्या वाक़ई कांग्रेस के लिए पाटीदारों को आरक्षण दिलाना इतना आसान होगा?
सुभाष कश्यप का कहना है, "थ्योरी देखें तो ऐसा हो सकता है लेकिन व्यावहारिक नहीं है. सबसे पहले तो सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस सरकार बना सकती है. अगर कांग्रेस को सरकार बनाने की उम्मीद नहीं है तब तो वो कोई भी वादा कर सकती है. दूसरे संविधान में संशोधन विधान सभा में नहीं होता. संविधान में संशोधन सिर्फ़ संसद कर सकती है. ऐसे में अगर कांग्रेस राज्य में सरकार बना भी ले तो संसद में बिल कैसे पारित कराएगी."
लेकिन क्या हार्दिक पटेल को इसका इल्म नहीं है?
इस सवाल के जवाब में सुभाष कश्यप ने कहते हैं, "देखिए ये नीति का प्रश्न नहीं है, राजनीति का है. वोट बैंक की राजनीति करके जनता को गुमराह किया जा रहा है."
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पाटीदार इतने अहम क्यों हैं
गुजरात की कुल जनसंख्या के तक़रीबन 20 फ़ीसदी पाटीदार हैं. 182 सदस्यों की विधान सभा वाले गुजरात में पाटीदारों के वोट बहुत सी सीटों पर असर डाल सकते हैं इसलिए दोनों मुख्य पार्टियां उनकी अनदेखी नहीं कर पा रही हैं.
राज्य सरकार कहती है पाटीदारों की आरक्षण का मांग जायज़ नहीं है क्योंकि वे अपेक्षाकृत संपन्न समुदाय हैं लेकिन हार्दिक बताते हैं कि पाटीदार बहुत दुखी हैं और उन्हें नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सख़्त ज़रूरत है.
9 दिसंबर को चुनाव के पहले चरण में 89 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. दूसरे चरण का मतदान 14 दिसंबर को होगा और नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे.












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