करारी हार के बाद के बाद कांग्रेस संसदीय दल की पहली बैठक आज

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 44 सीटें ही जीत पाई है। हार से परेशान सोनिया गांधी ने भले ही हार की जिम्मेदारी ले ली हो, लेकिन पार्टी की हालत देख वो परेशान है। सोनिया को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में ऐसे समय में पार्टी नेता मनोनीत करेंगी, जब इस बात को लेकर अभी भी सवाल बना हुआ है कि क्या पार्टी को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद मिलेगा या नहीं।
दरअसल संसद में विपक्ष के नेता बनने के लिए पार्टी के सदस्यों की संख्या 55 होने अनिवार्य है, लेकिन कांग्रेस के पास फिलहाल ये आकंड़ा नहीं है। ऐसे में इस सवाल पर संशय है कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका भी निभा पाएगा या नहीं।
हलांकि कांग्रेस में इ स बात को लेकर चर्चाएं तेज है कि कमलनाथ लोकसभा में पार्टी के नेता बन सकते हैं, लेकिन पार्टी के एक महासचिव ने इस बात पर जोर दिया है कि सिर्फ सोनिया और राहुल के नाम पर ही सर्वसम्मति संभव है। कांग्रेस संसदीय दल की आज होने वाली इस बैठक से पहले सोमवार को पार्टी की कार्यसमिति की बैठक हुई थी, जिसमें सोनिया और राहुल ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, जिसे पार्टी ने सर्वसम्मति से ठुकरा दिया था।












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