ओडिशा विधानसभा शीतकालीन सत्र के समय से पहले समाप्त होने पर कांग्रेस ने साधा निशाना
ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र का समय से पहले समापर पर कांग्रेस विधायल दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने ओडिशा सरकार पर निशाना साधा है। बीजू जनता दल (बीजद) के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार पर निशाना साधते हुए नरसिंह मिश्रा ने कहा सरकार के पास कुछ भी नहीं हो सकता है, लेकिन सदन में चर्चा के लिए हमारे पास पर्याप्य मुद्दे और कामकाज था।

कांग्रेस विधायक मिश्राा ने कहा सरकार ने स्वयं विधानसभा सत्र बुलाया और उसे 40 दिनों के लिए निर्धारित किया, लेकिन चार दिन बाद ही प्रदेश की पटनायक सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिये।
उन्होंने कहा यह उनकी कायरतापूर्ण प्रकृति को दर्शाता है। उनके पास विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं था, उनके पास कोई काम नहीं बचा था लेकिन विपक्ष बारे में क्या? कांग्रेस नेता मिश्रा ने सवाल किया हमारे पास विधानसभा में पर्याप्त काम बचा था। हमारी समस्याओं के बारे में क्या? हमारे निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ी जो समस्याएं हैं उन्हें हम कहां उठाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष मिश्रा ने कहा
अगर वे वास्तव में आदिवासियों का कल्याण चाहते हैं, तो प्रस्तावित आदिवासी भूमि हस्तांतरण विधेयक को उन्हें तुरंत रद्द कर देना चाहिए, इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए टीएसी के पास भेजने की जरूरत नहीं थी. इसलिए यह स्पष्ट है कि सरकार ने विधानसभा को उसके निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिया क्योंकि वे हमारा सामना नहीं कर सकते थे और सदन में सच्चाई बताने से डरते थे।
गौरतलब है कि ओडिशा विधानसभा का शीताकालीन सत्र केवल चार दिन चलने के बाद अपने निर्धारित समय के काफी दिनों पहले ही समाप्त हो गया। ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र को 30 दिसंबर, 2023 तक सत्र में रहना था। विपक्ष ने इसे कायरतापूर्ण कृत्य और ओडिशा सरकार द्वारा लोकतंत्र की हत्या बताया वहीं सत्तारूढ़ बीजद ने कहा कि सदन की बैठक के लिए कोई कामकाज नहीं बचा है।












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