कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया
कांग्रेस पार्टी ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से एक विज्ञप्ति जारी करके इसकी जानकारी दी गई है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि अनुशासनहीनता की शिकायतों और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाजी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रमोत कृष्णम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से यह विज्ञप्ति जारी की गई है।

गौर करने वाली बात है कि हाल ही में प्रमोद कृष्णम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। पीएम मोदी के साथ ही आचार्य प्रमोद ने अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात की थी। गौर करने वाली बात है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम काफी समय से कांग्रेस पर हमलावर थे।
वह अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता हिंदू शब्द से नफरत करते हैं। कुछ कांग्रेस के नेता ऐसे भी हैं जिन्हें राम मंदिर से ही नहीं बल्कि भगवान राम से भी नफरत है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति मंदिर जाकर हिंदू नहीं बनता है और ना ही मस्जिद जाकर कोई मुस्लिम बनता है। अगर किसी को जीसस में यकीन ना हो तो वह ईसाई नहीं हो सकता है। पैगंबर को ना मानने वाले को मुसलमान नहीं कहा जा सकता है।
ऐसे ही भगवान राम से नफरत करने वाला हिंदू नहीं हो सकता है। यह पूरी दुनिया जानती है कि राम मंदिर का निर्माण रोकने के लिए कितने प्रयास हुए। इससे करोड़ों सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों की आस्था को चोट पहुंची है।
यही नहीं आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी तंज कसा था। प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि बड़े नेता को अपनी मर्यादा और भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। उनसे ही कार्यकर्ता बनते हैं। लेकिन उनके लिए जिस भाषा का इस्तेमाल होता है उससे मेरा मन बहुत आहत है।
आचार्य ने कहा था कि मैं राहुल गांधी से मिलने के लिए एक साल से समय मांग रहा, लेकिन आजतक मिल नहीं पाया। लेकिन पीएमओ में फोन करने के 4 दिन बाद ही मिलने का समय मिल गया।












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