कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट पर साधा निशाना, कहा-महामारी पर हाईकोर्ट के आदेशों में SC का दखल गलत
नई दिल्ली, अप्रैल 23: कोरोना महामारी के संदर्भ में कुछ उच्च न्यायालयों के निर्णयों से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय का दखल देना 'गलत' है क्योंकि आज के समय देश को केंद्रीकरण नहीं, बल्कि विकेंद्रीकरण की जरूरत है तथा इससे संकट से निपटने में 'विफल' रही केंद्र सरकार को समर्थन मिलता है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि जब देश में कोरोना महामारी चरम पर है तो ऐसे समय देश की सबसे बड़ी अदालत को इस तरह दखल नहीं देना चाहिए था।
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कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उच्च न्यायालय कुशलतापूर्वक नागरिकों के जीवन के अधिकार को बरकरार रखते हुए और केस-टू-केस के आधार पर सरकार को अधिक सूक्ष्म तरीके से जवाबदेह ठहरा रहे हैं। उन्हें अपने काम को करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस संकट के बीच में माननीय उच्चतम न्यायालय के लिये 22 अप्रैल को दखल देने की कोई जरूरत नहीं थी। दुर्भाग्यवश यह गलत है, गलत है और गलत है। यह गलत है क्योंकि स्वत: संज्ञान का कदम नहीं है, बल्कि उच्च न्यायालय के आदेशों की प्रतिक्रिया में उठाया गया कदम है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि, यह गलत है क्योंकि इस वक्त केंद्रीकरण नहीं, बल्कि विकेंद्रीकरण की जरूरत है। यह गलत है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने वो नहीं किया जो कई उच्च न्यायालयों खासकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोगों को ऑक्सीजन के विषय में राहत देने के लिए रात में नौ बजे किया था। यह (दखल देना) गलत है क्योंकि उच्चतम न्यायालय इसमें सक्षम नहीं है कि वह स्थानीय मुद्दों, स्थानीय सुविधाओं से जुड़े विषयों का निटपटारा कर सके। यह गलत है क्योंकि स्थानीय मुद्दों को एकरुपता की कसौटी पर निवारण नहीं हो सकता।
उन्होंने यह दावा भी किया कि उच्चतम न्यायालय के इस हस्तक्षेप से केंद्र सरकार को समर्थन मिलता जो कोरोना संकट से निपटने में विफल रही है। 15-18 महीने से सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करना नहीं चाहते थे या कर नहीं पाए; कोई भी ऐसा ठोस काम जिसका कोरोना के विषय में जो तकलीफें हैं जिनका स्थायी रूप से हल निकले; 15 महीने से यह हालत थी और जब पीक है अब इस वक़्त हस्तक्षेप करना बिलकुल गलत है।
सिंघवी ने कोरोना की दूसरी लहर आने को लेकर केद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि यह सरकार पिछले कई महीनों से क्या कर रही थी?उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और कुछ अन्य राज्यों में आंकड़ों को छिपाया जा रहा है तथा जांच की संख्या भी कम की जा रही है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि रोजाना कोरोना के मामले बढ़ रहे थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ज्यादा समय पश्चिम बंगाल में क्यों गुजारा?












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