अवैध रुप से जमीन हड़पने और करों में चूक को लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली, 06 जून। कांग्रेस ने देश भर में फैली अपनी अचल संपत्ति को सुरक्षित करने का निर्णय लिया है। स्थानीय स्तर पर जमीन हड़पने और करों में चूक के मामले को लेकर राज्य इकाइयों को पार्टी से संबंधित सभी संपत्तियों का विवरण एकत्र करने को कहा गया है। इसके लिए कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को प्रापर्टी प्रभारी के रूप में नियुक्त करने लिए पार्टी हाईकमान की ओर से कहा गया है। पार्टी के प्रापर्टी प्रभारी कांग्रेस के स्वामित्व वाली संपत्तियों या पार्टी के साथ लीज पर ली गई संपत्तियों और उनके संपत्ति कर या लीज राशि के विवरण की जांच करेंगे।

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कांग्रेस की राज्य इकाइयों से पार्टी हाईकमान की ओर से कहा गया कि वे एक वरिष्ठ पदाधिकारी को प्रोटीज के प्रभारी के रूप में नामित करें। प्रॉपर्टी प्रभारी कांग्रेस के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर नजर रखेंगे। उनसे यह भी पता लगाने के लिए कहा गया है कि क्या अदालत में मालिकाना हक को लेकर विवाद है या अतिक्रमण के मामले हैं।

वहीं यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने वित्तीय संकट को देखते हुए यह निर्णय लिया है। भूमि को मुद्रीकरण के लिए विकसित किया जा सकता है। लेकिन ऐसा होने के लिए, पार्टी को राजस्व विभागों के साथ अपनी जमीन के लिए संपत्ति कर का निपटान करना होगा और पट्टे की जमीन के लिए पट्टे की राशि का भुगतान करना होगा।@

कांग्रेस कोषाध्यक्ष ने एक सप्ताह पहले पीसीसी व प्रदेश प्रभारियों को दो निर्देश दिए थे। कांग्रेस ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब अवैध जमीन हड़पने और करों चोरी को लेकर सरकार सख्त हो गई है। दरअसल, कांग्रेस भारत की पुरानी पार्टी है। इसका गठन आजादी से पहले हुआ था। ऐसे में पार्टी के पास राज्यों में, जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यालयों में बड़ी हिस्सेदारी है। पार्टी के लिए यह चिंता का विषय है कि जमीन का एक बड़ा हिस्सा अवैध रूप से हड़प लिया गया है। आरोप है कि इसमें पार्टी के कुछ पदाधिकारी भी शामिल हैं।

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