राहुल ने राफेल पर वायुसेना को दी बधाई, सरकार से पूछे तीन सवाल, बोले- क्या इनका जवाब मिलेगा?
नई दिल्ली। फ्रांस से खरीदे गए राफेल विमानों की पहली खेप भारत पहुंचने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वायुसेना को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ सवाल भी केंद्र सरकार से पूछे हैं, ये राफेल की कीमत और यूपीए की डील के मुकाबले कम राफेल खरीदे जाने को लेकर हैं। सोमवार को फ्रांस से भारत के लिए रवाना हुए पांच राफेल विमानों का पहला बेड़ा अंबाला एयरबेस पर आज दोपहर उतरा है। जिसके बाद कांग्रेस नेता ने ये तीन सवाल मोदी सरकार से पूछे हैं।

राहुल के तीन सवाल
कांग्रेस और राहुल गांधी 2015 से ही राफेल डील में घोटाले का गंभीर आरोप नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर लगाते रहे हैं। राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में लगातार इस डील में बहुत बड़ा घपला होने की बात कही थी। अब एक बार फिर उन्होंने ये सवाल खड़े किए हैं-
- एक राफेल की कीमत 526 करोड़ रुपए की बजाय अब 1670 करोड़ क्यों है?
- 126 रॉफेल की बजाय 36 राफेल जेट की ही क्यों खरीदे गए?
- एचएएल की जगह दिवालिया अनिल अंबानी की कंपनी को 30,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया?
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कांग्रेस नेताओं ने उठाया है सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राफेल के भारत आने का स्वागत करते राहुल जैसे ही सवाल मोदी सरकार से पूछे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट कर राफेल की कीमतों को लेकर सवाल किया है। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा- 126 राफेल खरीदने का कांग्रेस नेतृत्व में यूपीए सरकार ने 2012 में फैसला लिया था और 18 को छोड़कर बाकी का भारत सरकार की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में निर्माण का प्रावधान था। एचएएल का हक मार कर निजी कंपनी को दे दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा को अनदेखी कर 126 राफेल के बजाय केवल 36 खरीदने का निर्णय लिया। क्या पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया।

फ्रांस से खरीदे गए हैं राफेल एयरक्राफ्ट
भारत ने 36 राफेल जेट फ्रांस से खरीदे हैं। फ्रांस सरकार के साथ 2015 में 36 राफेल की डील भारत सरकार ने साइन की थी। इससे पहले मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते राफेल को लेकर डील हुई थी लेकिन मौजूदा सरकार ने उसे कैंसिल कर फिर से डील की थी। अभी तक भारत के अलावा इजिप्ट और कतर की वायुसेनाएं इसका प्रयोग कर रही हैं। कुल 36 राफेल विमान भारत फ्रांस से खरीद रहा है। इसमें अन्य एयरक्राफ्ट को दो सालों में भारत को सौंप दिया जाएगा। राफेल की लैंडिंग को लेकर अंबाला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पूरे शहर में धारा 144 लगाई गई। इतना ही नहीं, आईएएफ ने फोटो और वीडियो लेने पर भी पाबंदी लगा दी थी।
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