मायावती के पास हमने मैसेज भेजा कि गठबंधन कीजिए, उन्होंने बात तक नहीं की- राहुल गांधी
नई दिल्ली, 09 अप्रैल: देश के पांच राज्यों में हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस को करारा झटका मिला है। पंजाब में जहां कांग्रेस की सरकार थी, वहां से हाथ धोना पड़ा। वहीं यूपी में कांग्रेस को बुरी तरह से हार झेलनी पड़ी। ऐसे में चुनावों के परिणाम के बाद अब राहुल गांधी ने बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली में एक बुक लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि हमने मायावती से गठबंधन के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने जवाब तक नहीं दिया।

दिल्ली में शनिवार को एक किताब के विमोचन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंच से कहा, "मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा। हमने मायावती को मैसेज दिया कि गठबंधन कीजिए और मुख्यमंत्री बनिए। उन्होंने बात तक नहीं की। जिन लोगों ने अपना खून, पसीना देकर उत्तर प्रदेश में दलितों की आवाज को जगाया। आज मायावती कहती हैं कि मैं उस आवाज के लिए नहीं लडूंगी।"
राहुल गांधी के मुताबिक यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस मायावती की पार्टी बसपा के साथ गठबंधन करना चाहती थी, यहां तक की मायावती को सीएम पद तक का ऑफर भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि काशीराम जी ने यूपी में दलितों की आवाज उठाई, हालांकि इससे कांग्रेस पर असर पड़ा। इस बार मायावती दलितों की आवाज के लिए नहीं लड़ीं, क्योंकि सीबीआई, ईडी और पेगासस हैं।
'मैं देश को समझने की कोशिश करता हूं'
इसके अलावा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमें संविधान की रक्षा करनी है। संविधान को बचाने के लिए हमें अपनी संस्थाओं की रक्षा करनी होगी। लेकिन सारी संस्थाएं आरएसएस के हाथों में हैं। उन्होंने आगे कहा ऐसे राजनेता हैं जो सत्ता की खोज में हैं। वे हर समय सत्ता प्राप्त करने पर विचार करते हैं। मैं सत्ता के केंद्र में पैदा हुआ था, लेकिन ईमानदारी से मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। इसके बजाय मैं देश को समझने की कोशिश करता हूं।












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