'गांधी परिवार और कांग्रेस क्या हैं, यह समझने के लिए पीएम मोदी, अमित शाह को कई जन्म लेने पड़ जाएंगे'
नई दिल्ली, 21 जुलाई: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में पेशी के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन जारी है। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी से होने वाली पूछताछ के खिलाफ देशभर में विरोध जताया जा रहा है। इससे पहले एआईसीसी मुख्यालय में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। खेड़ा ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी के दोनों नेताओं को कई बार पुनर्जन्म लेना होगा। यह समझने के लिए "गांधी परिवार क्या है, कांग्रेस क्या है"?

'सवाल पूछने से उड़ी हुई सरकार की नींद'
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ईडी सोनिया और राहुल गांधी से पूछताछ कर रही है, क्योंकि वे सरकार से उन मुद्दों पर सवाल पूछते हैं जिससे पीएम मोदी की रातों की नींद उड़ा जाती है। खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां गांधी परिवार को इसलिए बुला रही हैं, क्योंकि कांग्रेस नेता पीएम मोदी को 'राजधर्म' की याद दिलाते हैं।
'दबाव के आगे नहीं झुकेंगे कांग्रेसी नेता'
केंद्र की बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उसके नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा समन जारी करने के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग जांच में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ को लेकर पीएम मोदी की जमकर आलोचना की। गहलोत ने अपने बयान में कहा, 'सोनिया गांधी किसी अन्य भारतीय महिला से कम नहीं हैं। उन्होंने हमारी सभी संस्कृति और परंपराओं को अपनाया है।'
गहलोत ने साधा बीजेपी पर निशाना
गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह भी बताने की मांग की कि जब उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो वह राहुल गांधी और सोनिया गांधी को क्यों तलब कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी वह महिला हैं, जिनकी सास और पति देश के लिए शहीद हो गए। सरकार को इतनी शर्म नहीं आती है कि आप किसके साथ किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। ED वाले उनके घर जाकर बयान ले सकते थे, कई बार ऐसा किया गया है कि ED घर जाकर बयान लेती है। सोनिया गांधी जी को जेसे बुलाया गया वो बेहतर हो सकता था। हम जानते हैं और मानते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। इनके शासन में कानून सबके लिए समान नहीं है। जो BJP में है उसके लिए कानून बदल जाता है। इन्होनें देश में 2 कानून बनाया है विपक्ष के लिए अलग और पक्ष के लिए अलग है।
TMC, AAP और सपा ने बनाई दूरी
इधर, सोनिया गांधी की ईडी पूछताछ के विरोध में विपक्ष तो साथ लाने की कोशिश में कांग्रेस फिलहाल नाकाम होती नजर आ रही है। पार्टी की ओर से उसकी बुलाई गई मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी नेता नदारद रहे।












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