संसद में कांग्रेस के लिए अभी भी अहम फैसले लेती हैं सोनिया गांधी, करीबी ने बताए कई राज

नई दिल्ली, 11 फरवरी: कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी भले ही संसद की कार्यवाही में अधिक उपस्थित ना होती हो, लेकिन वे सदन की कार्यवाही में कांग्रेस की भागीदारी पर नजर रखती हैं। संसद में पार्टी से जुड़े अहम मसलों का फैसला अभी भी सोनिया गांधी ही लेती हैं। इसकी एक उदाहरण संसद के बजट सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए 28 जनवरी को हुई एक ऑनलाइन बैठक में देखने को मिला। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के लोकसभा के नेता अधीर रंजन चौधरी से दूसरों को भी बहस में भाग लेने का मौका देने की हिदायत दी थी।

Congress president Sonia Gandhi gives inputs and directions on parliamentary matters

सोनिया गांधी ने अधीर रंजन से कहा कि उनको दूसरे कांग्रेसी नेताओं को भी संसद की बहस में शामिल होने और बोलने का मौका देना चाहिए। पार्टी के मामलों में दिलचस्पी रखने वालों लोगों ने बताया कि, सोनिया गांधी संसदीय मामलों पर आवश्यक जानकारी और निर्देश देती हैं, जबकि राहुल गांधी ज्यादातर संगठनात्मक मुद्दों को संभालते हैं। शीतकालीन सत्र से पहले एक बैठक में, सोनिया गांधी ने संकेत दिया कि वह नहीं चाहतीं कि चौधरी को फ्लोर लीडर के रूप में बदला जाए।

सोनिया गांधी ने अधीर रंजन चौधरी से कहा कि, कहा कि संसद में बोलते समय कुछ गलतियाँ करते हैं, लेकिन वे असली योद्धा हैं। लेकिन उन्हें संसद के नियमों और प्रक्रियाओं को अच्छी जानकारी है। 28 जनवरी की बैठक में सोनिया गांधी ने मनीष तिवारी से मुस्कुराते हुए उनके मूड के बारे में पूछा। चुनाव वाले पंजाब में पार्टी के मामलों से नाखुश तिवारी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मैं बिल्कुल ठीक हूं, मैडम।

राहुल गांधी भी ज्यादातर संसदीय दल की दैनिक रणनीतियों से संबंधित निर्णय लेते हैं। पिछले साल मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में दैनिक बैठकों में शामिल हुए थे। उन्होंने पिछले साल बजट सत्र के दौरान सभी विपक्षी नेताओं की ब्रेकफास्ट बैठक भी बुलाई थी। सोनिया गांधी ने 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता गंवाने के बाद वाम दलों की मदद से सरकार बनाने के लिए 15 दलों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सोनिया गांधी गठबंधनों को अच्छी तरह से प्रबंधित करने के लिए जानी जाती हैं।

कांग्रेस पार्टी के एक सीनियर रणनीतिकार ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि, सोनिया गांधी ने संगठन में कई जिम्मेदारियों को दूसरों को सौंप दिया है। हालांकि राज्यसभा टिकटों में उनका अंतिम अधिकार जारी है। पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह 2019 में राज्यसभा के लिए पुनर्नामांकन के लिए उत्सुक नहीं थे, लेकिन सोनिया गांधी ने उन्हें उच्च सदन में लौटने के लिए मनाया था। रणनीतिकार ने बताया कि, एक पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय क्रिकेट से जुड़े एक परिवार के वफादार महाराष्ट्र से खाली सीट पाने के इच्छुक थे, लेकिन सोनिया गांधी ने इसे रजनी पाटिल को देने का फैसला किया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+