लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खड़गे ने की 'डोनेट फॉर देश' क्राउडफंडिंग की शुरुआत
लोकसभा चुनाव में 6 महीने से भी कम का समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियां अपनी-अपनी चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर साकार करने में जुटी हुई हैं। इसी बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी के लिए क्राउडफंडिंग अभियान की शुरुआत की। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा आज, 18 दिसंबर को शुरू किए गए क्राउडफंडिंग अभियान का नाम 'डोनेट फॉर देश' रखा गया है।
कांग्रेस ने इस मुहिम की शुरुआत आज दिल्ली से की है। पार्टी ने अपने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को इस मुहिम में कम से कम 1380 रुपए का योगदान देने को कहा है।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर क्राउड फंडिंग मुहिम लॉन्च करने की बात कही थी। उन्होंने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को अपने ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियान, 'डोनेट फॉर देश' के लॉन्च की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। यह पहल 1920-21 में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक तिलक स्वराज कोष से प्रेरित है और इसका उद्देश्य एक श्रेष्ठ भारत बनाने में हमारी पार्टी को सशक्त बनाना है।"
उन्होंने आगे कहा, "हम अपने राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों, हमारे निर्वाचित प्रतिनिधियों, DCC अध्यक्षों, PCC अध्यक्षों और AICC पदाधिकारियों में से प्रत्येक को कम से कम 1,380 रुपये का योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।"
क्राउडफंडिंग क्या है?
क्राउड फंडिंग यानी ऐसा फंड जो क्राउड यानी की बहुत सारे लोगों ने दिया हो। ऐसा पैसा जो बहुत सारे लोगों ने मिल कर इकठ्ठा किया हो। हमारे देश में हर सामाजिक कार्य के लिए फण्ड इकठ्ठा किया जाया है या फिर चंदा लिया जाता है। क्राउड फंडिंग की मदद से आज कल लोग सड़कों का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्र में पुल या सामाजिक कार्य के रूप में भी कर रहे हैं।
क्राउडफंडिंग कैसे काम करती है?
क्राउड फंडिंग किसी समाजिक कार्य या कोई खास प्रोजेक्ट में आम जनता से पैसे एकत्रित करने की एक प्रक्रिया है। क्राउड फंडिंग लोगों से छोटे-छोटे दान के रुप में लिया जाता है। क्राउड फंडिंग के जरिए किसी की मदद करने के लिए अब लोग सोशल मीडिया का भी सहारा लेने लगे हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर किसी दूसरे जगह के लिए फंड भेजे जा सकते हैं।
क्यों करती हैं राजनीतिक पार्टियां क्राउडफंडिंग?
राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार के लिए क्राउडफंडिंग करती हैं। अभी लोकसभा चुनाव आने वाले हैं। चुनाव के प्रचार में अनेकों तरह के खर्च होते हैं। उन सभी खर्चों के लिए पार्टियों को फंड की जरुरत होती है। ये फंड कई तरह से जमा होते हैं। उन्हीं तरीकों में से एक तरीका है क्राउडफंडिंग का। छोटे-छोटे डोनेशन को मिला कर क्राउडफंडिंग के माध्यम से बड़ी रकम जमा की जाती है।












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