कांग्रेस का गुलाम नबी आजाद पर पलटवार, कहा- आपने भरोसा तोड़ा और असल में 'गुलाम' बन गए
Ghulam Nabi Azad पर अब कांग्रेस ने पलटवार किया है। साथ ही उन पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। आजाद ने पीएम मोदी की तारीफ की थी।

हाल ही में गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर दी। साथ ही अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस के काम पर सवाल उठाए, जिस पर कांग्रेसी नेता भड़क गए हैं। उन्होंने आजाद को गुलाम मानसिकता का नेता करार दिया। साथ ही पार्टी द्वारा उनको दिए गए सम्मान को याद दिलाया।
मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जिस नेता (गुलाम नबी आजाद) को उनकी पार्टी (कांग्रेस) ने पार्टी के शीर्ष पद पर बैठाया, वो अब उस पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्होंने पार्टी का भरोसा तोड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि जब आजाद ने पार्टी छोड़ी तो उन्होंने कहा कि मैं अब स्वतंत्र हूं, लेकिन पिछले दो दिनों में उनकी टिप्पणियों को सुनने के बाद हमें लगता है कि वो 'गुलाम' बन गए हैं।
क्या था आजाद का बयान?
एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि जहां पर बीजेपी की तारीफ करनी चाहिए, वहां वो करते हैं। जब उनको निंदा की जरूरत लगती है, तो वो उसे भी करते हैं। वो ऐसे नहीं हैं कि नींद से उठें और मोदी-बीजेपी को गालियां देना शुरू कर दें।
'दशकों तक सत्ता में नहीं आएगी कांग्रेस'
कांग्रेस के हालात पर आजाद ने कहा कि जी-23 गुट में जिन लोगों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, वो कभी भी अध्यक्ष, महासचिव या फिर प्रधानमंत्री बनने की चाह नहीं रखते थे। वो पार्टी के लिए मन से काम करते थे। आज के हालात को देखा जाए तो दशकों तक कांग्रेस सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
आजाद ने एक अन्य इंटरव्यू में कहा कि जी-23 नेताओं ने कई तरह की मांगे उठाई थीं। वो उनके फायदे के लिए नहीं थीं, बल्कि उससे पूरे कांग्रेस को फायदा होता। उससे राहुल और प्रियंका को भी फायदा होता। उन्होंने साफतौर पर कहा कि आज जो कांग्रेस के सलाहकार बने हुए हैं, वो पार्टी को ही नुकसान पहुंचा रहे। उन्होंने इसको लेकर एक कहावत भी कही कि मूर्ख दोस्त से अच्छा तो बुद्धिमान दुश्मन होता है।












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